वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण अगले महीने के तीसरे हफ्ते में यूनियन बजट पेश कर सकती हैं। यह केंद्र की नई एनडीए सरकार का पहला बजट होगा। इससे नई सरकार की पॉलिसी की दिशा के बारे में संकेत मिलेंगे। इसलिए इस बजट पर करीबी नजरें लगी हैं। वित्तमंत्री ने 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में बड़े ऐलान नहीं किए थे। इसलिए भी अगले महीने पेश होने वाले बजट से कई उम्मीदें हैं।
पूंजीगत खर्च पर फोकस जारी रहने की उम्मीद
सरकार यूनियन बजट में पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) पर फोकस बनाए रखेगी। पिछले कई सालों से सरकार ने अपना पूंजीगत खर्च बढ़ाया है। खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) को बेहतर बनाने पर फोकस बढ़ाया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले महीने पेश होने वाले बजट में भी सरकार का फोकस कैपिटल एक्सपेंडिचर पर बना रहेगा। 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में सरकार ने पूंजीगत खर्च के टारगेट को 11.1 फीसदी बढ़ाकर 11,11,111 करोड़ रुपये किया था। यह जीडीपी का 3.4 फीसदी है।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण इस बार मिडिल क्लास को इनकम टैक्स में राहत दे सकती हैं। लंबे समय से इनकम टैक्स में राहत की मांग हो रही है। बजट-पूर्व मीटिंग्स में प्रमुख उद्योग चैंबर्स सहित कई एक्सपर्ट्स ने सरकार को लोगों को इनकम टैक्स में राहत देने की मांग की है। खासकर सैलरीड क्लास और मिडिल क्लास को इनकम टैक्स में राहत मिलनी चाहिए। पिछले कुछ सालों में रोजमर्रा की चीजों की कीमतें काफी बढ़ी हैं। इससे लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को राहत देने के लिए सरकार इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ा सकती है। साथ ही 10 लाख रुपये से ज्यादा इनकम पर मौजूदा 30 फीसदी टैक्स को घटा सकती है।
किसान सम्मान निधि की रकम बढ़ सकती है
आज भी आबादी का सबसे ज्यादा हिस्सा जीविकोपार्जन के लिए कृषि पर निर्भर है। इसलिए गांवों में रहने वाले लोगों खासकर किसानों की इनकम बढ़ाने की जरूरत है। सरकार ने 2019 में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत हर साल शर्तें तय करने वाले किसानों को 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता देती है। इसे 2000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में दिया जाता है। इस महीने सरकार ने 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में इस योजना के तहत 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर किए। चूंकि, शुरुआत से अब तक इस योजना की रकम नहीं बढ़ाई गई है, जिससे उम्मीद है कि बजट में इसे बढ़ाने का ऐलान हो सकता है। इसे 6,000 से बढ़ाकर 8,000 रुपये किया जा सकता है।
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कृषि क्षेत्र की ग्रोथ बढ़ाने के उपाय
कृषि क्षेत्र की ग्रोथ घटकर 1.4 फीसदी रह गई है। यह बीते 8 साल में सबसे कम ग्रोथ है। इकोनॉमिस्ट्स का कहना है कि सरकार को कृषि क्षेत्र की ग्रोथ बढ़ाने की जरूरत है। इसकी वजह यह है कि इस क्षेत्र से आज भी आबादी का बड़ा हिस्सा जुड़ा है। हालांकि, इस साल मानसून की बारिश अच्छी रहने की उम्मीद है। फिर भी सरकार को जुलाई में पेश होने वाले बजट में इस क्षेत्र की ग्रोथ बढ़ाने के लिए ठोस उपायों का ऐलान करना चाहिए।