Budget 2024: शेयर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। स्टॉक मार्केट्स के प्रमुख सूचकांक जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे। उसके बाद उनमें गिरावट आई है। वहीं अंतरिम बजट 2024 से पहले आई गिरावट ने इनवेस्टर्स की नींदे उड़ा रखी हैं। दरअसल, अंतरिम बजट से पहले शेयर मार्केट में आया ये उतार चढ़ाव हर किसी के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।
इनवेस्टर्स मार्केट को लेकर काफी घबराए हुए हैं। ऐसे में मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस अंतरिम बजट में सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर पर बना रहेगा। सरकार प्राइवेट सेक्टर को भी निवेश के लिए प्रोत्साहित करना चाहेगी। इनवेस्टर्स को उम्मीद है कि सरकार पिछले साल की अपनी स्ट्रेटेजी को जारी रखेगी, जिसमें इंफ्रा पर लंबी अवधि के निवेश के साथ ही सस्टेनेबल इकोनॉमिक डेवलपमेंट पर फोकस रखा गया है।
इसके साथ ही पिछले दो अंतरिम बजट के रिकॉर्ड को देखें तो सेंसेक्स की प्रतिक्रिया अलग-अलग रही है। ऐसे में इस बार क्या होगा कहना काफी मुश्किल सा हो रहा है। 2019 में वोट-ऑन-अकाउंट के बाद स्टॉक बाजार में करीब एक फीसदी की गिरावट आई थी। लेकिन, 2014 के अंतरिम बजट के बाद एक महीने में बाजार 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ा था। हालांकि, दोनों अंतरिम बजट पेश होने के बाद के तीन महीनों में सेंसेक्स ने अच्छी तेजी दिखाई थी। 2019 में सेंसेक्स इस दौरान करीब 7 फीसदी चढ़ा था तो 2014 में यह 19 फीसदी से ज्यादा चढ़ा था।
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 तक फिस्कल डेफिसिट को जीडीपी के 4.5 फीसदी तक लाने का टारगेट तय किया है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने के दौरान फिस्कल डेफिसिट के टारगेट को ध्यान में रखेगी। अगले वित्त वर्ष में फिस्कल डेफिसिट का टारगेट इस वित्त वर्ष के 5.9 फीसदी के टारगेट से कम हो सकता है।
स्टॉक मार्केट अंतरिम बजट में कई चीजों पर नजर रखना चाहेगा। इसमें फिस्कल डेफिसिट, जीडीपी ग्रोथ के अनुमान और सीपीआई इनफ्लेशन शामिल होंगे। ग्लोबल मार्केट्स के ट्रेंड, घरेलू मार्केट के हालात और क्रूड ऑयल प्राइसेज का असर मार्केट के सेंटिमेंट पर पड़ेगा। साथ ही जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट का असर भी स्टॉक मार्केट्स पर पड़ सकता है।