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Budget 2024: PSU स्टॉक्स में बजट के बाद भी तेजी रहेगी या नहीं? एक्सपर्ट्स के क्या हैं अनुमान

Budget 2024: पिछले एक साल में हर 3 में से एक पीएसयू स्टॉक की कीमत दोगुने से अधिक हो गई है, जिससे बीएसई पीएसयू इंडेक्स 65 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया है। तीन वर्षों में पूंजीगत व्यय, अनुमान से अधिक होने के कारण बाजार विशेषज्ञ पीएसयू शेयरों पर उत्साहित हैं। हालांकि उनका यह भी कहना है कि पीएसयू के लिए निवेश स्ट्रैटेजी बनाने को लेकर सावधानी बरतने की भी जरूरत है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Jan 27, 2024 पर 11:30 AM
Budget 2024: PSU स्टॉक्स में बजट के बाद भी तेजी रहेगी या नहीं? एक्सपर्ट्स के क्या हैं अनुमान
Budget 2024: एनालिस्ट्स ने निवेशकों को PSU स्टॉक्स में अपना पैसा लगाते समय सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।

Budget 2024: पिछले 5 वर्षों में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU or Public Sector Undertakings) के शेयरों में शानदार तेजी देखी गई है। रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर और डिफेंस जैसे विकास क्षेत्रों में लगातार पूंजीगत व्यय किया गया है। एनालिस्ट्स का कहना है कि पीएसयू शेयरों में निकट भविष्य में तेजी रहेगी या नहीं, यह अंतरिम बजट 2024 (Interim Budget 2024) तय करेगा क्योंकि फैसला, सेक्टर्स के लिए सरकार के पूंजीगत व्यय अलोकेशन पर निर्भर करेगा। हालांकि एनालिस्ट्स ने निवेशकों को पीएसयू स्टॉक्स में पैसा लगाते समय सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।

इसकी वजह है कि कुछ शेयरों की वैल्यूएशन प्राइवेट सेक्टर के उनके प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बहुत अधिक दिखती है। पिछले एक साल में हर 3 में से एक पीएसयू स्टॉक की कीमत दोगुने से अधिक हो गई है, जिससे बीएसई पीएसयू इंडेक्स 65 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया है। कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च प्रमुख श्रीकांत चौहान को उम्मीद है कि बजट में पूंजीगत खर्च की घोषणा के बाद पीएसयू स्टॉक्स में रैली बढ़ेगी लेकिन यह और ज्यादा स्टॉक स्पेसिफिक हो जाएगी।

प्राइवेटाइजेशनः निवेशकों का PSU में जगा भरोसा

भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने 2014 में सत्ता में आने के बाद से सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। लेकिन अब तक केवल एयर इंडिया और नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड का ही निजीकरण (Privatisation) हो पाया है। अन्य रणनीतिक विनिवेशों के तहत सरकार, एक सार्वजनिक उपक्रम में अपनी पूरी हिस्सेदारी दूसरे को बेचने वाली है। विश्लेषकों का कहना है कि हालांकि चुनिंदा पीएसयू की स्थिति में गिरावट आई है, लेकिन इन्हें और अधिक प्रोफेशनल तरीके से चलाने के सरकार के प्रयासों के बीच इन कंपनियों में निवेशकों का नया विश्वास जगा है।

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