Interim Budget 2024 : केंद्रीय बजट (Union Budget) पेश होने में एक हफ्ते से कम समय बचा है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी। स्पेस टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री को इस बजट से कई उम्मीदें हैं। इंडस्ट्री ने सरकार को सैटेलाइट, लॉन्च व्हीकल और ग्राउंड इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग को जीएसटी से छूट देने की मांग की है। पिछले साल जुलाई में जीएसटी काउंसिल की 50वीं बैठक के बाद सरकार ने सैटेलाइट लॉन्च सर्विसेज को जीएसटी से छूट देने का ऐलान किया था। उसने कहा था कि इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO), अंतरिक्ष कॉर्पोरेशन (Antrix Corporation) और स्पेस सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स की सैटेलाइट लॉन्च सर्विसेज पर जीएसटी लागू नहीं होगा। इंडियन स्पेस एसोसिएशन (ISpA) में स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े 39 स्टार्टअप्स के साथ ही कई बड़ी कंपनियां हैं। इनमें भारती के निवेश वाली OneWeb, Aitel और L&T शामिल हैं।
बजट 2024 में विदहोल्डिंग टैक्स घटाने का हो सकता है ऐलान
इंडियन स्पेश एसोसिएशन ने सरकार से स्पेस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों को टैक्स से छूट देने की मांग की है। ISpA ने इस सेक्टर की कंपनियों के एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) पर टैक्स रेट घटाकर 5 फीसदी करने की मांग की है। सैटेलाइट सेक्टर पर विदहोल्डिंग टैक्स को 10 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी करने की मांग की है। एसोसिएशन का मानना है कि स्पेस सेक्टर में प्रॉफिट मार्जिन अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में सरकार को इस सेक्टर की मदद करनी चाहिए।
स्पेस टेक फर्मों में निवेश में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी
एसोसिएशन ने स्पेस सेक्टर के लिए एफडीआई पॉलिसी पर स्पष्टीकरण की भी मांग की है। स्पेस इकोसिस्टम खासकर इस सेक्टर की प्राइवेट कंपनियों को FDI पॉलिसी का काफी समय से इंतजार है। पिछले दो साल में स्पेस सेक्टर के स्टार्टअप्स में निवेश में विदेशी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई है। एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट (रिटायर्ड) ने कहा कि स्पेस इंडस्ट्री में काफी संभावनाएं हैं। इसमें इनोवेशन की भी काफी गुंजाइश है। इसलिए सरकार को इसके लिए एक व्यापक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाना चाहिए। साथ ही फिस्कल और टैक्सेशन से जुड़े मसलों को दूर करना चाहिए।
कस्टम ड्यूटी में रियायत से मिलेगी बड़ी राहत
बेंगलुरु के स्पेस टेक स्टार्टअप Digantara के सीईओ अनिरूद्ध शर्मा ने कहा कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को स्पेस सेक्टर के लिए कस्टम ड्यूटी में रियायत देने का ऐलान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंडिया की सप्लाई चेन अभी विकसित हो रही है। ऐसे में कंपनियों को जरूरी इक्विपमेंट का आयात करना पड़ता है। अगर कस्टम ड्यूटी में रियायत मिलती है तो स्पेस टेक कंपनियों को काफी मदद मिलेगी। अभी कस्टम ड्यूटी 40 फीसदी तक है। इसमें जल्द कमी करने की जरूरत है। स्पेस सेक्टर में निवेश बढ़ाने की भी जरूरत है।