इस महीने पेश होने वाले यूनियन बजट पर करीबी नजरें लगी हैं। टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स में राहत मिलने की उम्मीद है। इंडस्ट्री के अलग-अलग सेक्टर को ऐलोकेशन बढ़ने की आस है। बुजुर्ग हेल्थ पॉलिसी पर डिडक्शन बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं। सवाल है कि क्या वित्तमंत्री इनडायरेक्ट टैक्स में बदलाव का ऐलान बजट में करेंगी? जहां तक जीएसटी की बात है तो अब रेट्स में बदलाव करने का फैसला जीएसटी काउंसिल करती है। इसलिए बजट में चीजों पर टैक्स रेट्स में बदलाव के ऐलान अब बजट में नहीं होते हैं। लेकिन, अब भी कस्टम ड्यूटी और एक्साइज ड्यूटी जैसे टैक्सों के बारे में बजट में ऐलान होता है।
जीएसटी के कुछ मसलों पर आ सकता है स्पष्टीकरण
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जीएसटी को लागू हुए 7 साल हो चुके है। जीएसटी की व्यवस्था अब काफी परिपक्व हो गई है। ज्यादातर बिजनेसेज इस टैक्स के दायरे में आ चुके हैं। पिछले कुछ सालों से हर साल जीएसटी क्लेक्शन में अच्छी वृद्धि दिख रही है। यह उत्साहजनक संकेत है। फिर भी, जीएसटी से जुड़े कई ऐसे मसले हैं जिनमें स्पष्टीकरण की जरूरत है। उम्मीद है कि वित्त मंत्री यूनियन बजट में ऐसे मसलों पर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश करेंगी। इससे कारोबारी वर्ग को काफी राहत मिलेगी।
कस्टम ड्यूटी में हो सकते हैं बदलाव के ऐलान
कस्टम ड्यूटी में बदलाव के ऐलान बजट में हो सकते हैं। सरकार घरेलू उद्योग की जरूरतों को देखते हुए इंपोर्टेड गुड्स और रॉ मैटेरियल्स पर कस्टम ड्यूटी में बदलाव कर सकती है। रॉ मैटेरियल्स पर कस्टम ड्यूटी घटाने से विदेश में इंडियन प्रोडक्ट्स की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी। सरकार घरेलू उद्योग की जरूरत को देखते हुए कस्टम ड्यूटी में बदलाव का फैसला लेती है। तैयार उत्पाद पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने से विदेश से आने वाले प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ जाती हैं, जिसका असर उनकी सेल्स पर पड़ता है। इसका फायदा घरेलू कंपनियों के उत्पाद को मिलता है।
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ईवी पर टैक्स घटाने का हो सकता है ऐलान
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने के लिए इस पर टैक्स के नियमों में सरकार बदलाव कर सकती है। लंबे समय से ईवी पर टैक्स में कमी की मांग हो रही है। इसका ऐलान बजट में हो सकता है। ईवी की बैटरी में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर सरकार कस्टम ड्यूटी घटाने का ऐलान बजट में कर सकती है। इससे ईवी के पार्ट्स की कीमतें घट सकती हैं।