Interim Budget 2024: संसद का बजट सत्र (Budget Session) 31 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) के दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने से होगी। वर्तमान लोकसभा का यह आखिरी सत्र है। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) अंतरिम बजट पेश करेंगी। यह मोदी सरकार के अब तक के कार्यकाल का 12वां बजट और सीतारमण का छठा बजट होगा। देश में इस साल अप्रैल-मई में आम चुनाव होने वाले हैं। इसकी वजह से फरवरी माह में पूर्ण के बजाय अंतरिम बजट (Budget 2024) पेश किया जा रहा है। चुनावों के बाद नई सरकार के सत्ता में आने पर पूर्ण बजट पेश किया जाएगा।
नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में दूसरी बार अंतरिम बजट लाया जा रहा है। मोदी सरकार ने पहला अंतरिम बजट अपने कार्यकाल के दौरान फरवरी 2019 में पेश किया गया था क्योंकि उस साल भी आम चुनाव हुए थे। मई 2019 में नरेंद्र मोदी के फिर से प्रधानमंत्री बनने के बाद जुलाई माह में पूर्ण बजट लाया गया। देश में मोदी सरकार पहली बार मई 2014 में सत्ता में आई थी।
30 जनवरी को थी सर्वदलीय बैठक
केंद्र सरकार ने बजट सत्र को देखते हुए 30 जनवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इसमें विभिन्न दलों के नेता शामिल हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान विपक्षी नेताओं ने कई मुद्दे उठाए। सरकार ने नेताओं से कहा कि वह 31 जनवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र में हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बैठक में कहा कि सीतारमण जम्मू-कश्मीर के लिए भी बजट पेश करेंगी, जहां राष्ट्रपति शासन है। 17वीं लोकसभा के 9 फरवरी को समाप्त होने वाले इस छोटे से सत्र का मुख्य एजेंडा राष्ट्रपति का अभिभाषण, अंतरिम बजट पेश किया जाना, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाब है।
बजट से पहले क्यों बुलाई गई सर्वदलीय बैठक
संसद के हर सत्र से पहले एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की परंपरा है। बैठक में विभिन्न दलों के नेता उन मुद्दों को उजागर करते हैं, जिन्हें वे संसद में उठाना चाहते हैं। सरकार उन्हें अपने एजेंडे की एक झलक बताती है और उनका सहयोग मांगती है।