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Budget 2024 : इस स्मॉलकेस मैनेजर का है कहना, वित्त मंत्री कर व्यवस्था में सुधार पर कर सकती हैं फोकस

MC Interview : इक्विटी और कैपिटल मार्केट का 12 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले कार्तिक जोनागडला का कहना है कि बैंकिंग और एनबीएफसी सेक्टर को लेकर सतर्क रहना शॉर्ट टर्म के नजरिए समझदारी भरी रणनीति लगती है। उनका कहना है कि वो अगले 2-3 महीनों में बढ़ती वोलैटिलिटी की आशंका के कारण निजी बैंकिंग सेक्टर में निवेश करने के पक्ष में नहीं है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 31, 2024 पर 11:20 AM
Budget 2024 : इस स्मॉलकेस मैनेजर का है कहना, वित्त मंत्री कर व्यवस्था में सुधार पर कर सकती हैं फोकस
कार्तिक ने कहा कि बाजार का मौजूदा वैल्यूएशन निफ्टी के 12 महीने के पीई के साथ लगभग 23.1 पर है जो 24 महीने के औसत 21.6 से थोड़ा ऊपर है। इससे यह संकेत मिलता कि वैल्यूएशन कुछ हद तक बढ़ा हुआ है लेकिन ये चिंताजनक नहीं है

Budget 2024 : मनीकंट्रोल के साथ एक साक्षात्कार में क्वांटस रिसर्च के स्मॉलकेस मैनेजर, संस्थापक और सीईओ कार्तिक जोनागडला ने कहा कि देश अंतरिम बजट एक नजदीक आ गया है, आम चुनाव भी नजदीक आ गए हैं। ऐसे में किसी बड़े नीतिगत बदलाव की संभावना नहीं है। उन्हें उम्मीद है कि वित्त मंत्री कल आने वाले अंतरिम बजट में अतिरिक्त कर बचत के प्रावधानों और स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़त के जरिए नई कर व्यवस्था को ऑकर्षक बनाने पर फोकस कर सकती हैं। जोनागडला ने कहा, "ये उपाय नई व्यवस्था को पुरानी व्यवस्था की तुलना में अधिक आकर्षक बना सकते हैं, जिससे करदाताओं की पसंद प्रभावित होगी।"

अपनी बात को बढ़ाते हुए कार्तिक ने आगे कहा कि हालांकि ये बदलाव मामूली हैं, लेकिन ये लोगों का आय और उपभोक्ता खर्च में बढ़त कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो इक्विटी बाजारों पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, अंतरिम बजट के नेचर को देखते हुए किन्ही बड़े गेम-चेंजिंग घोषणाओं की उम्मीद नहीं है। इस बजट में फिस्कल प्रूडेंस (राजकोषीय समझदारी) पर जोर रहने की संभावना है।

इक्विटी और कैपिटल मार्केट का 12 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले कार्तिक जोनागडला का कहना है कि वह अगले 2-3 महीनों में बढ़ती वोलैटिलिटी की आशंका के कारण निजी बैंकिंग सेक्टर में निवेश करने के पक्ष में नहीं है।

बाजार पर बात करते हुए कार्तिक ने कहा कि बाजार का मौजूदा वैल्यूएशन निफ्टी के 12 महीने के पीई के साथ लगभग 23.1 पर है जो 24 महीने के औसत 21.6 से थोड़ा ऊपर है। इससे यह संकेत मिलता कि वैल्यूएशन कुछ हद तक बढ़ा हुआ है लेकिन ये चिंताजनक नहीं है। शॉर्ट से मीडियम टर्म में तिमाही नतीजे बाजार के लिए बड़े ट्रिगर के रूप में काम करेंगे। इसके अलावा आगामी बजट और लाल सागर और मध्य पूर्व में उभरती भू-राजनीतिक स्थिति भी बाजार के रुझान पर अपना असर दिखाएगी।

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