बजट (Budget 2022) से पहले विदेशी और घरेलू निवेशकों के बीच दिलचस्प रस्साकशी दिख रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। यह उनका चौथा बजट होगा। विदेशी संस्थागत निवेशक (Foreign Institutional Investors) घरेलू स्टॉक मार्केट में पिछले कुछ समय से लगातार बिकवाली कर रहे हैं। इधर, घरेलू संस्थागत निवेशक (Domestic Institutional Investors) बाजार में गिरावट के मौके का इस्तेमाल खरीदारी के लिए कर रहे हैं। अगर घरेलू निवेशकों ने मुश्किल वक्त में खरीदारी से बाजार को संभाला नहीं होता तो गिरावट और ज्यादा आती।
दौलत कैपिटल मार्केट्स के वाइस-प्रेसिडेंट भविन मेहता ने कहा, "बजट से पहले स्टॉक मार्केट खासकर निफ्टी 50 (Nifty) में दिलचस्प पॉजिशनिंग दिख रही है। विदेशी संस्थागत निवेशक शॉर्टिंग कर रहे हैं। उधर, घरेलू निवेशक लॉन्ग पॉजिशन बना रहे हैं।" शॉर्टिंग का मतलब आने वाले दिनों में गिरावट की संभावना को देखते हुए शेयर बेचने से है। उधर, लॉन्ग पॉजिशन का मतलब बाजार में तेजी के अनुमान को देखते हुए शेयर खरीदने से है।
फरवरी डेरिवेटिव सीरीज की शुरुआत में लॉन्ग-शॉर्ट रेशियो घटकर 0.49 पर आ गया। जनवरी सीरीज की शुरुआत में यह करीब 2 पर था। यह रेशियो बाजार को लेकर इन्वेस्टर्स के रुख का संकेत देता है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने 26 जनवरी को बताया कि इस बार मौद्रिक नीति में होने वाली सख्ती पहले के रुख के मुकाबले काफी अलग होगी। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का मानना है कि फेडरल रिजर्व साल 2022 में ब्याज दर में पांच बार वृद्धि कर सकता है। मार्च में ब्याज दर में 50 बेसिस प्वाइंट्स यानी आधा फीसदी वृद्धि हो सकती है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार बजट में इन्वेस्टर्स के लिए कोई निगेटिव बात नहीं होगी। वित्त मंत्री सीतारमण का फोकस ग्रोथ बढ़ाने और राजकोषीय स्थिति पर होगा। ब्रोकरेज मॉर्गन स्टेनली ने कहा है, "हमारा मानना है कि सरकार धीरे-धीरे राजकोषीय स्थिति मजबूत बनाने पर ध्यान देगी। हालांकि, वह सरकारी खर्च पर जोर बनाए रखेगी। इससे पूंजीगत खर्च के लिए भी अनुकूल माहौल बनेगा।"
बजट से पहले स्टॉक मार्केट्स में बड़ी गिरावट आई है। 17 जनवरी के बाद से सेंसेक्स 3000 अंक से ज्यादा गिर चुका है। इस हफ्ते सोमवार को बाजार में बड़ी गिरावट आई थी। सेंसेक्स 1500 अंक गिर गया था।