Union Budget 2022: रेल किराये में इस बार के बजट में नहीं है बढ़ोत्तरी की संभावना

भारत में रेल द्वारा माल ढुलाई किराये की दरें विश्व भर में सबसे अधिक दरों में से एक हैं

अपडेटेड Jan 26, 2022 पर 9:59 AM
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सालाना आधार पर भारतीय रेलवे यात्री किरायों पर 40 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी देती है

आज से पांच दिनों के बाद पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2022 (Union Budget 2022) में अबकी बार रेलवे किराये की दरों और यात्री किराए में कोई बदलाव नहीं होने की संभावना है। इसकी जानकारी रखने वाले दो सूत्रों से इस बारे में सूचना प्राप्त हुई है। किराय नही बढ़ने पर भारतीय रेलवे अपने परिचालन में सुधार के लिए माल ढुलाई और यात्री परिवहन आय का उपयोग करते हुएअपनी पूंजीगत खर्चों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर सरकारी बजटीय सहायता और अतिरिक्त बजटीय संसाधनों पर निर्भर करेगा।

भारतीय रेलवे वित्त वर्ष 2022 में माल ढुलाई से आय (freight revenue) में 25% की वृद्धि हासिल करने के लिए लगभग 1.45 लाख करोड़ रुपये के अपने उच्चतम स्तर के करीब है। यात्रियों से होने वाली आय भी वित्त वर्ष 2010 में 10% होने की उम्मीद है (वित्त वर्ष 2011 में यात्रियों से होने वाली आय (passenger revenue) में कोविड प्रतिबंधों के कारण 75% गिर गई थी) और 61,000 करोड़ के बजट स्तर को पार कर गया। इससे रेल किराये और यात्री किराए में वृद्धि की कोई आवश्यकता नहीं होगी। मिंट ने सूत्रों के हवाले से ये रिपोर्ट छापी है।

दूसरी तरफ ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण कारोबार की तरफ से उच्च परिवहन लागत की शिकायत की जा रही है। इस समय माल ढुलाई दरों में वृद्धि से मुद्रास्फीति और बढ़ सकती है। रेलवे ज्यादा माल भाड़ा वसूल कर रियायती यात्री किराए पर होने वाले नुकसान की भरपाई करता है। इसने भारत में रेल माल ढुलाई किराये को विश्व स्तर पर सबसे अधिक किरायों में से एक बना दिया है और यही पिछले 50 वर्षों में भारत के माल ढुलाई में रेलवे की हिस्सेदारी 75% से 39% तक गिरने का एक प्रमुख कारण भी है।


रेल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अरुणेंद्र कुमार (Arunendra Kumar, a former chairman of Rail Board) ने कहा “इस साल रेल किराया बढ़ाने के पीछे कोई तर्क नहीं है। लोग आगे नहीं बढ़ रहे हैं, और यदि वे ऐसा करते हैं तो आप उन पर अधिक कर नहीं लगा सकते। मैं इस साल किसी भी वृद्धि की कल्पना नहीं करता।"

बता दें कि साल 2014 के बाद से बजट के माध्यम से यात्री और माल ढुलाई दरों को संशोधित नहीं किया गया है। दिसंबर 2019 में रेलवे ने बजट के बाहर एक अलग से आदेश के जरिये यात्री किराए में 4 पैसे प्रति किमी तक संशोधन किया गया था। तब से किराया स्थिर बना हुआ है।

 

 

 

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