Union Budget 2023: अगले यूनियन बजट में अगर सरकार फिस्कल कंसॉलिडेशन (Fiscal Consolidation) पर फोकस बढ़ाती है तो इससे रुपये को सपोर्ट मिलेगा। रायटर्स के पोल से यह जानकारी मिली है। इस पोल में हिस्सा लेने वाले एनालिस्ट्स का मानना है कि अगले 12 महीनों में डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती देखने को मिलेगी। इससे पिछले साल आई गिरावट के करीब 20 फीसदी हिस्से की भरपाई हो जाएगी। पिछले साल डॉलर के मुकाबले रुपये में 10 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई थी। 2013 के बाद यह रुपये का सबसे खराब प्रदर्शन था। इसकी वजह उभरते बाजारों में बिकवाली और बढ़ता फिस्कल और करेंट अकाउंट डेफिसिट था। ऑयल के बढ़ते प्राइसेज ने मुश्किल और बढ़ा दी। ऑयल के आयात पर इंडिया का सबसे ज्यादा पैसा खर्च होता है।
