Union Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) यूनियन बजट 2023 (Union Budget) में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए बड़े ऐलान कर सकती हैं। सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने के लिए इनकम टैक्स रिबेट को साल 2025 तक बढ़ा सकती है। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी। सरकार पेट्रोल-डीजल व्हीकल्स की जगह EV का इस्तेमाल बढ़ाना चाहती है। CNBC Aawaz की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80EEB के तहत इनकम टैक्स रिबेट को और दो साल के लिए बढ़ा सकती है। निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले केंद्र की मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा।
सरकार ने 2019 में टैक्स बेनेफिट का ऐलान किया था
सरकार ने साल 2019 में ईवी खरीदने पर इनकम टैक्स रिबेट का ऐलान किया था। इसके तहत ईवी खरीदने के लिए लोन के इंटरेस्ट पर एक फाइनेंशियल ईयर में 1.5 लाख रुपये का डिडक्शन मिलता है। यह रिबेट 31 मार्च, 2023 तक मिलेगा। माना जा रहा है कि यूनियन बजट 2023 में सरकार इस डिडक्शन को बढ़ाकर 31 मार्च, 2025 तक करेगी। यह डिडक्शन तब तक मिलता है, जब तक कुल लोन चुका नहीं दिया जाता।
ईवी को एफोर्डेबल बनाने की जरूरत
अभी ईवी की कीमत ज्यादा है। इस वजह से ज्यादा लोग इसे खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है। इसे एफोर्डेबल बनाने के लिए सरकार बजट में कुछ बड़े ऐलान कर सकती है। अभी बैटरी की कीमत बहुत ज्यादा है। इससे ईवी की कीमत भी बहुत बढ़ जाती है। ईवी का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए सरकार को इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर भी फोकस बढ़ाना होगा। पूरे देश में चार्जिंग स्टेशन का नेटवर्क तैयार करना होगा।
एडवान्स कमेस्ट्री सेल पर घटाना होगा GST
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बनाने वाली कंपनियों ने सरकार से FAME II सब्सिडी की अवधि बढ़ाने की मांग की है। इससे ईवी का इस्तेमाल बढ़ाने में मदद मिलेगी। इंडस्ट्री का यह भी कहना है कि एडवॉन्स कमेस्ट्री सेल पर जीएसटी घटाकर 5 फीसदी होना चाहिए। अभी ईवी पर जीएसटी 5 फीसदी है।
बढ़ रही है इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री
पिछले महीने (नवंबर) में देश में कुल 18,47,208 टू-व्हीलर्स की बिक्री हुई। इनमें इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की संख्या 76,438 रही। यह करीब 4 फीसदी है। दूसरी ईवी कंपनियों ने भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री अच्छी रहने की उम्मीद जताई है। लेकिन, इसके लिए सरकार से थोड़ी मदद की जरूरत है।