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Budget 2024 : इंडस्ट्री ने वित्तमंत्री को ग्रोथ बढ़ाने वाले उपायों पर फोकस करने की सलाह दी, कहा-जल्द तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनेगा इंडिया

Interim Budget 2024 : प्रमुख उद्योग चैंबर CII ने सरकार को मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस बनाए रखने की सलाह दी है। इसके लिए 'नेशनल मिशन फॉर एडवान्स्ड मैन्युफैक्चरिंग' शुरू किया जा सकता है। सीआईआई ने उन सेक्टर को पीएलआई स्कीम के दायरे में लाने की सलाह दी है, जिनमें लेबर का ज्यादा इस्तेमाल होता है। इससे रोजगार के मौके बढ़ाने में मदद मिलेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 26, 2024 पर 1:37 PM
Budget 2024 : इंडस्ट्री ने वित्तमंत्री को ग्रोथ बढ़ाने वाले उपायों पर फोकस करने की सलाह दी, कहा-जल्द तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनेगा इंडिया
Budget 2024 : हीरो रियल्टी ने सीईओ धर्मेश शाह ने कहा कि साल 2024 में रियल एस्टेट का आउटलुक पॉजिटिव दिख रहा है। देश के सात बड़े शहरों में 4.77 लाख घरों की बिक्री हुई है, जो एक रिकॉर्ड है। रियल एस्टेट सेक्टर की ग्रोथ को सपोर्ट देने के लिए सरकार को हाउसिंग सेक्टर को इंडस्ट्री का दर्जा देना चाहिए।

Union Budget 2024 : अंतरिम बजट (Interim Budget) पेश होने से पहले इंडस्ट्री ने सरकार को कई सलाह दी है। उसने कहा है कि सरकार को इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने वाले उपाय करने चाहिए। कुछ साल के अंदर इंडिया दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने जा रही है। CII ने 'नेशनल मिशन फॉर एडवान्स्ड मैन्युफैक्चरिंग' शुरू करने की सलाह दी है। इससे मैन्युफैक्चरिंग में प्रोडक्टविटी और क्वालिटी बेहतर करने में मदद मिलेगी। उसने कहा है कि इस मिशन के तहत मैन्युफैक्चरिंग में बदलाव लाने वाली टेक्नोलॉजी पर जोर दिया जा सकता है। सीआईआई ने उन सेक्टर को पीएलआई स्कीम के दायरे में लाने की सलाह दी है, जिनमें लेबर का ज्यादा इस्तेमाल होता है। अपैरल, खिलौन और फुटवियर ऐसे सेक्टर के उदाहरण हैं। इससे रोजगार के मौके बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही चीजों का देश में उत्पादन होने से आयात पर निर्भरता घटेगी।

बजट 2024 में फिजिकल, सोशल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाने की जरूरत

दूसरे बड़े उद्योग चैंबर FICCI ने कहा है कि सरकार ने पिछले साल के बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर का टारगेट 37.4 फीसदी बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये कर दिया था। जीडीपी के हाल में आए डेटा से कैपिटल फॉर्मेशन बढ़ने के संकेत मिले हैं। इंडियन इकोनॉमी अभी अहम मोड़ पर है। ऐसे में सरकार को अंतरिम बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाने पर फोकस बनाए रखने की जरूरत है। इससे फिजिकल, सोशल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ेगा।

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