Budget 2024 : वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को अंतरिम बजट (Interim Budget) पेश करेंगी। सवाल है कि क्या बजट में होने वाले ऐलान से इंडस्ट्रियल स्टॉक्स में उछाल देखने को मिलेगा? एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा होने की उम्मीद कम है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि यह अंतरिम बजट है। दूसरा, इंडस्ट्रियल कंपनियों को अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कमजोर रहने की उम्मीद है, क्योंकि लोकसभा चुनावों के दौरान ऑर्डर बुक और कामकाज के स्तर पर सुस्ती देखने को मिलती है। चुनावों के बाद दोनों में तेजी आती है। ICICI Securities के रिसर्च हेड पंकज पांडेय ने कहा कि मार्केट को इस बजट से ज्यादा उम्मीद नहीं लगानी चाहिए। इसकी वजह यह है कि इसमें बड़े ऐलान होने की उम्मीद नहीं है। वित्तमंत्री ने खुद पिछले महीने इस बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि अंतरिम बजट में बड़े ऐलान नहीं होंगे। बड़े ऐलान के लिए पूर्ण बजट तक इंतजार करना होगा, जो जुलाई में आएगा।
बजट 2024 में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए हो सकता है ऐलान
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) परीक्षित कांडपाल ने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और हाइड्रोजन को लेकर पॉलिसी का ऐलान हो सकता है। दूसरे सेक्टर्स के लिए ऐलान होने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा, "क्लीन फ्यूल इनिशिएविट के लिए सब्सिडी का आवंटन हो सकता है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के पार्ट्स पर टैक्स में कमी की जा सकती है। इसके अलावा हमें किसी बड़े ऐलान की उम्मीद नहीं है।" पिछले साल के बजट में पूंजीगत खर्च का टारगेट सरकार ने बढ़ाया था। इसका असर इंडस्ट्रियल स्टॉक्स पर देखने को मिला था।
पिछले साल पूंजीगत खर्च बढ़ने का असर स्टॉक्स पर पड़ा था
पिछले एक साल में बीएसई इंडस्ट्रियल इंडेंक्स ने 65 फीसदी रिटर्न दिया है। इस दौरान L&T, BHEL, HAL और ABB जैसी कंपनियों के शेयर 32 से 166 फीसदी तक चढ़े हैं। इस तेजी में सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने का बड़ा हाथ है। नुवामा की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपने खर्च में 15-16 फीसदी वृद्धि कर सकती है। इसका असर कंपनियों की ऑर्डर बुक पर देखने को मिलेगा। जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पिछले 5 साल में केंद्र सरकार का पूंजीगत खर्च 25 फीसदी की दर से बढ़ा है।
मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस से कंपनियों की ऑर्डर बुक बढ़ी
सरकार ने पिछले कुछ सालों में आयात की जगह देश में ही चीजों के उत्पादन पर फोकस बढ़ाया है। इसके लिए मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और पीएलआई जैसी स्कीम शुरू की गई हैं। पिछले तीन वित्त वर्ष में L&T की ऑर्डर बुक 31 फीसदी बढ़ी है, जबकि सीमेंस की आर्डर बुक में 300 फीसदी उछाल आया है। कांडपाल ने कहा कि पिछले बजट में हुए ऐलान का सबसे ज्यादा फायदा एलएंडटी, सीमेंस, एबीबी, एनसीसी और भेल को मिला है।