कोई बुरी खबर ना मिलना ही शेयर बाजार के लिए अच्छी खबर है, जानिए SMC Global के सुभाष अग्रवाल ने ये क्यों कहा

बाजार को अंदेशा था कि बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स बढ़ सकता है लेकिन आज बजट में शेयर बाजार से जुड़ा कोई ऐलान नहीं हुआ जिसे बाजार के लिए अच्छी खबर के तौर पर देखा जा रहा है. ऐसे समय में जब ग्लोबल कारणों से भारतीय बाजार में उतारचढ़ाव लगातार बना हुआ है कोई नेगेटिव अनाउंसमेंट ना होना ही अच्छी खबर है

अपडेटेड Feb 01, 2023 पर 7:45 PM
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शेयर बाजार का जिक्र बजट में ना होना क्यों है अच्छी खबर

Budget 2023: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज जब बजट स्पीच देने की तैयारी कर रही थीं तब सबके मन में ये सवाल था कि शेयर बाजार के लिए आज अच्छी खबर आएगी या बुरी। लेकिन निर्मला सीतारमण ने बजट में शेयर बाजार का कोई जिक्र नहीं किया। इसे शेयर बाजार अच्छी खबर की तरह ले रहा है। सेंसेक्स इंट्रा डे में 1200 अंक चढ़कर 60,000 का लेवल टच कर लिया था। हालांकि बजट का भाषण खत्म होने के बाद धीरे-धीरे बाजार ने अपनी बढ़त खोनी शुरू कर दी और अंत में सेंसेक्स सिर्फ 158 की तेजी के साथ बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 45.85 अंक के नुकसान के साथ बंद हुआ। छोटे और मझोले शेयरों का इंडेक्स भी करीब 1 फीसदी तक टूटकर बंद हुआ। सेक्टोरेल इंडेक्स की बात करें, तो कमोडिटी, टेलीकम्युनिकेशंस, एनर्जी, ऑयल एंड गैस और पावर शेयरों में जोरदार गिरावट रही।

अभी तक ऐसे आसार थे कि सरकार शेयर बाजार में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स बढ़ा सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अभी एक फिस्कल ईयर में अगर 1 लाख रुपए से ज्यादा कैपिटल गेन हुआ तो उस पर 10% का टैक्स लगता है। जब कोई निवेश 12 महीनों से लंबी अवधि का होता है तो उसके मुनाफे को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है।

SMC Global के चेयरमैन सुभाष अग्रवाल ने कहा, "हमारी मांग थी कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स के साथ शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स को भी 10% के लेवल पर ला दिया जाए। इससे मार्केट पार्टिसिपेंट्स बढ़ जाते।" अभी शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स सामान्य टैक्स स्लैब के हिसाब से लगता है।


हालांकि सुभाष अग्रवाल ने कहा, "शेयर बाजार को लेकर कोई नकारात्मक फैसला नहीं किया गया है इसी से बाजार में उत्साह बना हुआ है।" ग्लोबल फैक्टर्स के कारण भारतीय बाजार पर असर है लेकिन बजट से बाजार को निराशा नहीं हुई है।

निवेशकों के 3.64 लाख करोड़ डूबे

शेयर बाजार को कोई ट्रिगर ना मिलने से बाद में बाजार टूटा। कारोबार के अंत में BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बुधवार 1 फरवरी को घटकर 266.59 लाख करोड़ रुपये पर आ गया, जो इसके पिछले कारोबारी दिन यानी मंगलवार 31 जनवरी को 270.23 लाख करोड़ रुपये पर था। इस तरह BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज करीब 3.64 लाख करोड़ रुपये घटा है। या दूसरे शब्दों में कहें तो निवेशकों की वेल्थ में आज 3.64 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है।

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