केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ट्रैवल कंपनी कॉक्स एंड किंग्स के प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स के खिलाफ बैंक लोन फ्रॉड मामले में मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा 525 करोड़ रुपये के कथित बैंक लोन फ्रॉड के मामले में दायर किया गया है। अधिकारियों ने 26 सितंबर को बताया कि यस बैंक की शिकायत पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है।
सीबीआई ने मुंबई पुलिस ने इस जांच की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली है, जो पहले ट्रैवल कंपनी, उसके प्रमोटर्स/डायरेक्टर्स अजय अजीत पीटर केरकर और उषा केरकर, CFO अनिल खंडेलवाल और डायरेक्टर्स महालिंगा नारायणन और पेसी पटेल के खिलाफ जांच कर रही थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए महाराष्ट्र सरकार के रेफरेंस के आधार पर केस दर्ज किया है। इन सभी लोगों के खिलाफ ठगी और आपराधिक गतिविधियों के मामलों में IPC की विभिन्न धाराओं के तहत यह मुकदमा दर्ज किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपों के मुताबिक, कंपनी ने यस बैंक से लोन लेने के लिए फर्जी रिकॉर्ड सौंपे और गलत जानकारी मुहैया कराई।
मुंबई पुलिस की आर्थिक आपराधिक शाखा ने ग्लोबल टूर और ट्रैवल्स कंपनी कॉक्स एंड किंग्स (Cox and Kings) के मालिक अजय पीटर केरकर के करीबी सहयोगी अजीप पी मेनन को अप्रैल में गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी यस बैंक से 400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में हुई है। अजीप पी मेनन को 9 अप्रैल को केरल के कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था।