CCI ने अपोलो और MRF सहित 5 टायर कंपनियों पर लगाया ₹1,788 करोड़ का जुर्माना, 'गुटबंदी' का आरोप

कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने बुधवार 2 फरवरी को देश की 5 प्रमुख टायर कंपनियों पर कुल 1,788.06 करोड़ रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया

अपडेटेड Feb 02, 2022 पर 10:06 PM
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टायर कंपनियों पर "गुटबंदी में लिप्त" होने के चलते जुर्माना लगाया है

कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने बुधवार 2 फरवरी को देश की 5 प्रमुख टायर कंपनियों पर कुल 1,788.06 करोड़ रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया। CCI ने बताया कि इन सभी कंपनियों पर "गुटबंदी में लिप्त" होने के चलते जुर्माना लगाया है।

CCI ने अपने बयान में कहा कि अपोलो टायर्स (Apollo Tyres) पर 425.53 करोड़ रुपये, MRF लिमिटेड (MRF Ltd) पर 622.09 करोड़ रुपये, CEAT लिमिटेड (CEAT Ltd) पर 252.16 करोड़ रुपये, JK टायर (JK Tyre) पर 309.95 करोड़ रुपये और बिड़ला टायर्स (Birla Tyres) पर 178.33 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया ने कहा, "इन टायर कंपनियों ने अपने एक टायर एसोसिएशन, ऑटोमोटिव टायर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ATMA) के जरिए आपस में कीमतों से जुड़े संवेदनशील आंकड़े साझा किए और उसके आधार टायर की कीमतों पर सामूहिक रूप से तय किया।"


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CCI ने कहा कि इन पांचों टायर कंपनियों और ATMA को कॉम्पिटीशन एक्ट की धारा 3 के प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी ठहराया गया है। यह धारा कंपनियों के बीच गुटबंदी के जरिए कॉम्पिटीशन को खत्म करने वाले समझौतों से जुड़ी है। टायर कंपनियों के अलावा ATMA पर भी 0.084 करोड़ रुपये का जुर्मान लगाया गया है।

CCI ने कहा, "आयोग ने यह भी पाया कि ATMA ने टायर के उत्पादन, घरेलू बिक्री और एक्सपोर्ट से जुड़े आंकड़ों को कंपनी के आधार और सेगमेंट के आधार पर जुटाया और इसे इन कंपनियों के साथ साझा किया गया।"

CCI ने कहा, "ATMA को अपनी सदस्य टायर कंपनियों के जरिए या किसी दूसरे तरीके से टायरों की बिक्री से जुड़े होलसेल और रिटेल आंकड़े जुटाने से खुद को अलग करने का निर्देश दिया गया है।"

यहां यह भी बताना जरूरी है CCI ने इन पांचों टायर कंपनियों और ATMA के खिलाफ यह आदेश अगस्त 2018 में दिया था। लेकिन टायर कंपनियों ने इस फैसले के खिलाफ कोर्ट में जाने का फैसला किया, जिसके चलते इसे तबसे सीलबंद करके रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने बीते 28 जनवरी को टायर कंपनियों की याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद अब CCI ने यह आदेश जारी किया है।

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