जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल ने कहा-ट्रंप के टैरिफ से अमेरिका को ज्यादा नुकसान होगा

नवीन जिंदल ने कहा कि इंडिया स्टील के उत्पादन के मामले में दुनिया में दूसरे पायदान पर है। अमेरिका में जितना स्टील का उत्पादन होता है, इंडिया उससे दोगुना स्टील का उत्पादन करता है। इसलिए जब लोग इंडिया को 'डेड इकोनॉमी' कहते हैं तो तथ्यों से इसकी पुष्टि नहीं होती

अपडेटेड Sep 01, 2025 पर 5:28 PM
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नवीन जिंदल हरियाणा के कुरुक्षेत्र से सांसद हैं।

भारत में ऐसे लोग कम हैं, जनकी दखल राजनीति और उद्योग में एक जैसी रही है। जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल इनमें से एक हैं। वह इंडिया की एक बड़ी स्टील कंपनी का चेयरमैन होने के अलावा कुरुक्षेत्र के सांसद (लोकसभा) हैं। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने उद्योग और राजनीति के बारे में कई दिलचस्प बातें बताईं। उन्होंने बताया कि वह कैसे दोनों जिम्मेदारियों को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। उन्हें भरोसा है कि जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने जा रही है। उन्होंने अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के बारे में भी कई बातें बताईं।

डेड इकोनॉमी का बयान तथ्यों से मेल नहीं खाता

Naveen Jindal ने कहा कि इंडिया स्टील के उत्पादन के मामले में दुनिया में दूसरे पायदान पर है। अमेरिका में जितना स्टील का उत्पादन होता है, इंडिया उससे दोगुना स्टील का उत्पादन करता है। इसलिए जब लोग इंडिया को 'डेड इकोनॉमी' कहते हैं तो तथ्यों से इसकी पुष्टि नहीं होती। दूसरा यह है कि इंडिया में स्टील का जितना प्रोडेक्शन होता है, उसका करीब 80 फीसदी कंजम्प्शन इंडिया में हो जाता है। हालांकि, कई इंडियन कंपनियां स्टील का एक्सपोर्ट करती हैं। लेकिन, उत्पादन के ज्यादा हिस्से का इस्तेमाल इंडिया में होता है।


टैरिफ से ज्यादा नुकसान अमेरिका को होगा

ट्रंप के टैरिफ का इंडिया पर पड़ने वाले असर के बारे में उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा नुकसान अमेरिका को होगा। उन्होंने कहा कि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से अमेरिकी लोगों को हर चीज की ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। अमेरिकी लोग पहले से दुनिया में स्टील की सबसे ज्यादा कीमत चुका रहे हैं। टैरिफ बढ़ने से अमेरिका में हर चीज महंगी हो जाएगी। इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर कार, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर्स सहित हर चीज महंगी होने जा रही है। चूंकि अमेरिकी लोग उद्यमी होते हैं, जिससे वे इसका कोई न कोई रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे। इसलिए ज्यादा टैरिफ से अमेरिका को लॉस है।

चीन से बेहतर रिश्तों का स्वागत

चीन से बढ़ती नजदीकी के बारे में उन्होंने कहा कि चीन हमारा पड़ोसी है। इसलिए अगर चीन के साथ हमारे रिश्तें बेहतर हो रहे हैं तो इसमें क्या खराबी है। मैं इसका स्वागत करता हूं। यह हमारे लिए बेहतर हैं। हम प्रतिस्पर्धा में भरोसा करते हैं। इसलिए सभी पड़ोसियों से हमारे रिश्ते अच्छे होने चाहिए। भारतीय उतने ही सक्षम हैं, जितने चाइनीज हैं। हमारे प्लांट्स काफी आधुनिक हैं। हमारे प्लांट्स अमेरिका के प्लांट्स के मुकाबले काफी मॉडर्न हैं।

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दुनिया में किसी बड़ी इकोनॉमी की ग्रोथ 6 फीसदी नहीं

जिंदल ने इंडियन इकोनॉमी को शानदार बताया। हम अभी दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी हैं। बहुत जल्द हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन जाएंगे। दुनिया में कोई इतनी बड़ी इकोनॉमी नहीं है, जो 6 फीसदी के रेट से बढ़ रही है। इसका श्रेय सरकार की पॉलिसी को जाता है। साथ ही इसमें भारतीयों का भी योगदान है, जो मेहनत करना पसंद करते हैं। हमारे युवाओं के पास अच्छे आइडिया हैं। यह सही है कि ट्रंप के टैरिफ का असर इंडिया में कुछ सेक्टर्स पर पड़ेगा। लेकिन, मुझे भरोसा है कि सरकार के सहयोग से वे नए रास्ते तलाश लेंगे।

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