Core sector growth: कोर सेक्टर की ग्रोथ में दिखा उछाल, नवंबर में बढ़कर 1.8% हुई

Core sector growth: नवंबर 2025 में भारत के कोर सेक्टर की ग्रोथ बढ़कर 1.8 प्रतिशत हो गई है। अक्टूबर की गिरावट के बाद सीमेंट, स्टील, उर्वरक और कोयले के बेहतर प्रदर्शन से कोर इंडस्ट्री में रिकवरी के संकेत मिले हैं।

अपडेटेड Dec 22, 2025 पर 5:43 PM
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अक्टूबर 2025 में कोर सेक्टर की ग्रोथ निगेटिव जोन में चली गई थी।

Core sector growth: भारत के आठ प्रमुख कोर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टरों की ग्रोथ नवंबर 2025 में सालाना आधार पर 1.8 प्रतिशत दर्ज की गई। सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस बढ़त को खास तौर पर सीमेंट, स्टील, उर्वरक और कोयले के बेहतर उत्पादन से सहारा मिला।

अक्टूबर 2025 में कोर सेक्टर की ग्रोथ रेट माइनस 0.1 प्रतिशत रही थी। ऐसे में नवंबर के आंकड़े हल्की रिकवरी का संकेत देते हैं।

कोर इंडस्ट्रीज इंडेक्स क्यों अहम है


आठ कोर सेक्टरों का संयुक्त सूचकांक, जिसे Index of Eight Core Industries यानी ICI कहा जाता है, कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली जैसे सेक्टरों को ट्रैक करता है।

इस इंडेक्स का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक यानी IIP में 40.27 प्रतिशत का वेटेज है। इसी वजह से कोर सेक्टर की चाल को देश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ का अहम संकेतक माना जाता है।

अक्टूबर की कमजोरी के बाद नवंबर में सुधार

अक्टूबर 2025 में कोर सेक्टर की ग्रोथ निगेटिव जोन में चली गई थी। लेकिन, नवंबर में 1.8 प्रतिशत की बढ़त से यह साफ हुआ कि कुछ सेक्टरों में मांग और उत्पादन में सुधार आया है।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो अप्रैल से नवंबर के बीच कोर सेक्टर का कुल उत्पादन पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2.4 प्रतिशत बढ़ा है।

किन सेक्टरों ने दिया सहारा

नवंबर 2025 में सीमेंट और स्टील सेक्टर सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले रहे। सीमेंट उत्पादन में सालाना आधार पर 14.5 प्रतिशत की तेज बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्टील उत्पादन 6.1 प्रतिशत बढ़ा।

इसी दौरान कोयले का उत्पादन 2.1 प्रतिशत बढ़ा और उर्वरक उत्पादन में भी 5.6 प्रतिशत की अच्छी ग्रोथ देखने को मिली। इन चार सेक्टरों की मजबूती ने नवंबर में कोर सेक्टर की कुल ग्रोथ को सहारा दिया।

ऊर्जा से जुड़े सेक्टरों में दबाव

हालांकि सभी सेक्टरों की तस्वीर एक जैसी नहीं रही। नवंबर में कच्चे तेल का उत्पादन 3.2 प्रतिशत घटा, जबकि प्राकृतिक गैस उत्पादन में 2.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन 0.9 प्रतिशत कम रहा और बिजली उत्पादन में भी 2.2 प्रतिशत की कमी आई। इन सेक्टरों की कमजोरी ने कोर सेक्टर की कुल रफ्तार को सीमित रखा।

अप्रैल से नवंबर का प्रदर्शन

चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से नवंबर अवधि में भी स्टील और सीमेंट सेक्टर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले रहे। इस दौरान स्टील उत्पादन में 9.7 प्रतिशत और सीमेंट उत्पादन में 8.2 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई।

उर्वरक उत्पादन इस अवधि में 1.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि रिफाइनरी उत्पादों में मामूली 0.2 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली।

अब भी कमजोर बने हुए सेक्टर

इसके उलट, इसी अवधि में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और बिजली जैसे सेक्टर दबाव में रहे। अप्रैल से नवंबर 2025-26 के दौरान कोयले के उत्पादन में कुल 1.4 प्रतिशत, कच्चे तेल में 1.3 प्रतिशत, प्राकृतिक गैस में 3.0 प्रतिशत और बिजली उत्पादन में 0.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

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