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Current Account Deficit: देश का चालू खाते का घाटा जून तिमाही में बढ़कर GDP के 2.8% पर पहुंचा

देश का चालू खाते का घाटा (Current Account Deficit) मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बढ़कर 23.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया

Translated By: Vikrant singhअपडेटेड Sep 29, 2022 पर 7:32 PM
Current Account Deficit: देश का चालू खाते का घाटा जून तिमाही में बढ़कर GDP के 2.8% पर पहुंचा
चालू खाते का घाटा (CAD) के बढ़ने के पीछे मुख्य वजह व्यापार घाटे में बढ़ोतरी रही

देश का चालू खाते का घाटा (Current Account Deficit) मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बढ़कर 23.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। यह देश की GDP (ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट) का 2.8 फीसद है। चालू खाते का घाटा (CAD) के बढ़ने के पीछे मुख्य वजह देश के व्यापार घाटे में बढ़ोतरी रही।

वहीं पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में देश का चालू खाते का सरप्लस 6.6 अरब डॉलर रहा था जो जीडीपी का 0.9 प्रतिशत है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने गुरुवार 29 सितंबर को यह जानकारी दी।

बता दें कि चालू खाता घाटा तब होता है जब किसी देश द्वारा विदेशों से आयात की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य, उसकी तरफ से निर्यात की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं के कूल मूल्य से अधिक हो जाता है। वहीं इसकी उलट स्थिति होने पर चालू खाते का सरपल्स या अधिशेष होता है। इससे देश के भुगतान संतुलन की स्थिति का भी पता चलता है।

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