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Data Protection Bill: डेटा प्रोटेक्शन बिल लोकसभा में पास! विपक्ष क्यों कर रहा है विरोध? एडिटर्स गिल्ड ने भी जताई चिंता

Data Protection Bill: केंद्र ने भारतीय नागरिकों की निजता की रक्षा करने के उद्देश्य से 3 अगस्त को लोकसभा में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) विधेयक पेश किया था। इसमें व्यक्तियों के डिजिटल डेटा की सुरक्षा करने में विफल रहने या दुरुपयोग करने वाले संस्थानों पर 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। विधेयक का उद्देश्य इंटरनेट कंपनियों, मोबाइल ऐप और व्यावसायिक घरानों आदि को गोपनीयता के अधिकार के तहत नागरिकों के डेटा को इकट्ठा करने, उनका भंडारण करने और उसके इस्तेमाल को लेकर अधिक जवाबदेह बनाना है

Akhileshअपडेटेड Aug 07, 2023 पर 4:51 PM
Data Protection Bill: डेटा प्रोटेक्शन बिल लोकसभा में पास! विपक्ष क्यों कर रहा है विरोध? एडिटर्स गिल्ड ने भी जताई चिंता
Data Protection Bill: सरकार ने भारतीय नागरिकों की निजता की रक्षा करने के उद्देश्य से 3 अगस्त को लोकसभा में DPDP विधेयक पेश किया था

Data Protection Bill Passed: मणिपुर मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बीच सोमवार को विवादास्पद 'डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल, 2023 (The Digital Personal Data Protection Bill, 2023)' लोकसभा में पारित हो गया। विपक्ष द्वारा उठाए गए गोपनीयता संबंधी चिंताओं के बावजूद डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) विधेयक लोकसभा में ध्वनि मत से पारित हो गया। इस बिल में डेटा उल्लंघनों के लिए कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है। विपक्ष द्वारा मांगे गए कुछ संशोधन ध्वनि मत से गिर गए। प्रस्तावित कानून को संसदीय पैनल द्वारा जांच के लिए भेजने की मांग के बीच 3 अगस्त को निचले सदन में पेश किया गया था।

क्या है बिल में?

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने भारतीय नागरिकों की निजता की रक्षा करने के उद्देश्य से 3 अगस्त को लोकसभा में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) विधेयक पेश किया। इसमें व्यक्तियों के डिजिटल डेटा की सुरक्षा करने में विफल रहने या दुरुपयोग करने वाले संस्थानों पर 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।

इस विधेयक का उद्देश्य इंटरनेट कंपनियों, मोबाइल ऐप और व्यावसायिक घरानों आदि को गोपनीयता के अधिकार के तहत नागरिकों के डेटा को इकट्ठा करने, उनका भंडारण करने और उसके इस्तेमाल को लेकर अधिक जवाबदेह बनाना है। सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला सुनाते हुए कहा था कि निजता का अधिकार एक मौलिक अधिकार है, जिसके बाद डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल पर काम शुरू हुआ।

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