Economic Survey 2022: सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया (Air India) के निजी हाथों में बिक्री से देश में निजीकरण (Privatisation) के अभियान को बढ़ावा मिलेगा। संसद में सोमवार को पेश किए गए आर्थिक सर्वे (Economic Survey) 2021-22 में यह बात कही गई।
Economic Survey 2022: सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया (Air India) के निजी हाथों में बिक्री से देश में निजीकरण (Privatisation) के अभियान को बढ़ावा मिलेगा। संसद में सोमवार को पेश किए गए आर्थिक सर्वे (Economic Survey) 2021-22 में यह बात कही गई।
आर्थिक सर्वे रिपोर्ट में साथ ही सभी क्षेत्रों में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए बिजनेस इंटरप्राइजेज में पब्लिक सेक्टर की भूमिका को फिर से परिभाषित करने का सुझाव भी दिया गया है। बता दें सरकार ने इस महीने की शुरुआत में सरकारी एयरलाइंस कंपनी एयर इंडिया का स्वामित्व अधिकार टाटा समूह को 18,000 करोड़ रुपये में सौंपे दिए।
इकोनॉमिक सर्वे रिपोर्ट में कहा गया, "एयर इंडिया के प्राइवेटाइजेशन का यह कदम न केवल विनिवेश से हासिल होने वाली आय के मामले में बल्कि निजीकरण अभियान को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष रूप से अहम है।" यह पिछले 20 वर्षों के दौरान देश में निजीकरण का यह पहला समझौता है। इससे देश में पब्लिक सेक्टर की कंपनियों की विनिवेश प्रक्रिया में तेजी आएगी।
सरकार BPCL, शिपिंक कॉरपोरेशन, पवन हंस, IDBI बैंक, कॉनकोर, BEM और RINL सहित पब्लिक सेक्टर की कई कंपनियों/उपक्रम के विनिवेश की तैयारी में है। 2016 के बाद से अब तक सरकार 35 सरकारी कंपनियों/ज्वाइंट वेंचर/उपक्रम में अपनी हिस्सेदारी के रणनीतिक बिक्री को सैद्धांतिक मंजूरी दे चुकी है।
इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया, "नए, आत्मनिर्भर भारत के मिशन को साकार करने के लिए, बिजनेस एंटरप्राइजेज में पब्लिक सेक्टर की भागीदारी को फिर से परिभाषित करने और सभी क्षेत्रों में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की जरूरत थी।"
बता दें सरकार ने पिछले साल पब्लिक सेक्टर की कंपनियों के रणनीतिक विनिवेश को लेकर एक नीति को मंजूरी दी थी, जो सभी गैर-रणनीतिक और रणनीतिक क्षेत्रों में विनिवेश के लिए एक स्पष्ट रोडमैप मुहैया कराएगी।
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