चाइनीज मोबाइल कंपनी Xiaomi और 3 विदेशी बैंकों को ED ने भेजा नोटिस, मांगा ₹5,551 करोड़ का हिसाब

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार 9 जून को बताया कि उसने चाइनीज मोबाइल कंपनी शाओमी (Xiaomi), उसके चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और डायरेक्टर समीर राव, पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर मनु जैन और तीन विदेशों बैंकों को कारण बताओं नोटिस जारी किया है। ये नोटिस 5,551 करोड़ रुपये के कथित फॉरेन एक्सचेंज उल्लंघन को लेकर जारी किया गया है

अपडेटेड Jun 09, 2023 पर 9:25 PM
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ED ने यह नोटिस 5,551 करोड़ रुपये के फॉरेन एक्सचेंज उल्लंघन को लेकर जारी किया है

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार 9 जून को बताया कि उसने चाइनीज मोबाइल कंपनी शाओमी (Xiaomi), उसके चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और डायरेक्टर समीर राव, पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर मनु जैन और तीन विदेशों बैंकों को कारण बताओं नोटिस जारी किया है। ये नोटिस 5,551 करोड़ रुपये के कथित फॉरेन एक्सचेंज उल्लंघन को लेकर जारी किया गया है। एजेंसी ने बताया कि उसे फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत शाओमी टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, उसके दो अधिकारियों, सिटी बैंक (CITI Bank), एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank) और डॉएचे बैंक (Deutsche Bank AG) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

Xiaomi India ने साल 2014 से भारत में काम करना शुरू किया। ये चीन की प्रमुख स्मार्टफोन कंपनी Xiaomi के पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनी है। ED ने अपनी जांच में पाया था कि Xiaomi India ने साल 2015 से अपनी पैरेंट कंपनी को पैसे भेजना शुरू किया। कंपनी ने विदेशी कंपनियों को कुल 5,551.27 करोड़ रुपये भेजे।

इसके बाद ED ने पिछले साल FEMA के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए शाओमी इंडिया के खातों में जमा करीब 5,551.27 करोड़ रुपए जब्त कर लिया था। यह कार्रवाई गैरकानूनी तरीके से रॉयल्टी के नाम पर विदेशों में पैसा भेजने के लिए किया गया था।


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शाओमी इंडिया ने ED की इस कार्रवाई को कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उसकी याचिका को रद्द कर दिया था।

जानकारों के मुताबिक FEMI के तहत जांच पूरी होने के बाद ED की ओर से संबंधित कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है। अगर इस नोटिस में भी कंपनियां कोई स्पष्ट कारण नहीं बता पाती है तो फिर उन्हें नियमों के अनुसार जुर्माने का भुगतान करना होता है।

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