भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का कहना है कि यह डर कि आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) अगले कुछ सालों में बड़ी संख्या में व्हाइट-कॉलर नौकरियों को खत्म कर सकता है, शायद बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है। टेक्नोलॉजी को अपनाने की गति, प्रतिस्पर्धा और सार्वजनिक नीतियां ही तय करेंगी कि यह बदलाव किस तरह से सामने आता है। प्रोजेक्ट सिंडिकेट की ओर से हाल ही में पब्लिश एक कमेंट्री में राजन ने इक्विटी रिसर्च फर्म सिट्रिनी द्वारा जारी एक अनुमान पर चर्चा की। इस अनुमान में चेतावनी दी गई थी कि AI 2028 तक ज्यादातर व्हाइट-कॉलर नौकरियों को खत्म कर सकता है, जिसके अर्थव्यवस्था पर बड़े परिणाम होंगे।
