ई-गेमिंग के लिए GST से जुड़े नए नियम कल यानी 1 अक्टूबर से लागू हो जाएंगे। इससे जुड़ी अधिसूचना वित्त मंत्रालय ने जारी कर दिया है। ई-गेमिंग के साथ-साथ कैसिनो और घुड़दौड़ से जुड़े जीएसटी के नियमों में बदलाव हुआ है और ये 1 अक्टूबर से प्रभावी होंगे। सेंट्रल जीएसटी एक्ट में बदलाव के तहत अब इन्हें लॉटरी, बेटिंग और गैंबलिंग के समान ही समझा जाएगा। इसके बाद अब बेट्स यानी दांव की पूरी फेस वैल्यू पर 28 फीसदी की दर से GST (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) लगाया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने की शुरुआत में ही ऑनलाइन गेमिंग पर 28 फीसदी की दर से जीएसटी लगाने का ऐलान कर दिया था। बता दें कि गेमिंग कंपनियां इसे लेकर दिक्कत महसूस कर रही हैं और उनका कहना है कि इससे गेमिंग इंडस्ट्री को दिक्कतें हो सकती है और छंटनी भी हो सकती है।
विदेशी गेमिंग कंपनियों को यहां कराना होगा रजिस्ट्रेशन
गेमिंग इंडस्ट्री को लेकर एक और अहम बदलाव हुआ है। इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST) में हुए बदलाव के तहत विदेशी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म को भारत में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा उन्हें यहां के नियमों के मुताबिक ही टैक्स भी भरना होगा।
अब 6 महीने बाद ही होगा रिव्यू
जुलाई और अगस्त में जीएसटी काउसिंग की बैठकों में केंद्रीय वित्त मंत्री और राज्यो/केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों वे ऑनलाइन गेमिंग, कैसिनो और घुड़दौड़ से जुड़े टैक्स के नियमों में बदलाव को मंजूरी दी थी। इसमें यह तय किया गया कि जितने का दांव लगाया जा रहा है, उस पूरी वैल्यू पर 28 फीसदी की जीएसटी लगाई जाएगी। संसद में पिछले महीने सेंट्रल जीएसटी और इंटीग्रेटेड जीएसटी से जुड़े नियमों में बदलाव को मंजूरी दी गई। वित्त मंत्रालय ने इसे नोटिफाई कर दिया है और 1 अक्टूबर से यह लागू भी हो जाएगा। उस समय यह तय किया गया था कि इसका रिव्यू 6 महीने बाद यानी 1 अप्रैल 2024 को किया जाएगा।