वित्त मंत्रालय सरकारी बैकों के CEO के साथ करेगा मीटिंग, पहली तिमाही के नतीजों का होगा रिव्यू

Public sector banks: वित्त मंत्रालय 20 अगस्त को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की पहली तिमाही का रिव्यू करेगा। जानिए पहली तिमाही में सरकारी बैंकों का प्रदर्शन कैसा रहा और यह मीटिंग क्यों हो रही है।

अपडेटेड Aug 17, 2025 पर 7:42 PM
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इंडियन ओवरसीज बैंक ने 76 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 1,111 करोड़ रुपये का मुनाफा किया।

Public sector banks: वित्त मंत्रालय ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों की बैठक 20 अगस्त को रखी है। इसका मकसद 2025-26 की पहली तिमाही में उनके वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा करना है। इस बैठक की अध्यक्षता वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजु करेंगे।

पहली तिमाही में मुनाफे का हाल

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के नेतृत्व में 12 PSBs ने मिलकर पहली तिमाही में कुल 44,218 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो पिछले साल की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल की समान तिमाही में कुल मुनाफा 39,974 करोड़ रुपये था। यानी कुल बढ़त 4,244 करोड़ रुपये रही। SBI अकेले ही इस मुनाफे का 43 प्रतिशत हिस्सा लेकर आया, जिसका शुद्ध मुनाफा 19,160 करोड़ रुपये रहा।


कैसी रहेगी बाकी बैंकों की कमाई

  • चेन्नई स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक ने 76 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 1,111 करोड़ रुपये का मुनाफा किया।
  • पंजाब एंड सिंध बैंक का मुनाफा 48 प्रतिशत बढ़कर 269 करोड़ रुपये रहा।
  • पंजाब नेशनल बैंक (PNB) को छोड़कर बाकी सभी बैंकों ने तिमाही में लाभ में गिरावट दर्ज की। PNB का मुनाफा 3,252 करोड़ रुपये से घटकर 1,675 करोड़ रुपये रह गया।
  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का मुनाफा 32.8 प्रतिशत बढ़कर 1,169 करोड़ रुपये रहा।
  • इंडियन बैंक ने 23.7 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 2,973 करोड़ रुपये कमाए।
  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र का लाभ 23.2 प्रतिशत बढ़कर 1,593 करोड़ रुपये रहा।

मीटिंग का मकसद क्या है?

वित्त मंत्रालय को इस बैठक यह समझने में मदद करेगी कि सार्वजनिक बैंकों का मौजूदा प्रदर्शन कैसा है, कौन से बैंक मजबूत हैं और कौन से सुधार की जरूरत में हैं। इसके आधार पर भविष्य में बैंकिंग रणनीतियों और नीतियों पर निर्णय लिए जाएंगे।

इससे पहले जून के आखिर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) से कहा था कि वे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले सेक्टरों को कर्ज देने में पीछे न रहें और इसके लिए RBI द्वारा रेपो रेट में की गई 50 आधार अंक की बड़ी कटौती का पूरा फायदा उठाएं।

PSB के वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान सीतारमण ने बैंकों के प्रमुखों से वित्त वर्ष 2025-26 में मुनाफे की रफ्तार को बनाए रखने को भी कहा था।

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