Public sector banks: वित्त मंत्रालय ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों की बैठक 20 अगस्त को रखी है। इसका मकसद 2025-26 की पहली तिमाही में उनके वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा करना है। इस बैठक की अध्यक्षता वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजु करेंगे।
Public sector banks: वित्त मंत्रालय ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों की बैठक 20 अगस्त को रखी है। इसका मकसद 2025-26 की पहली तिमाही में उनके वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा करना है। इस बैठक की अध्यक्षता वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजु करेंगे।
पहली तिमाही में मुनाफे का हाल
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के नेतृत्व में 12 PSBs ने मिलकर पहली तिमाही में कुल 44,218 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो पिछले साल की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल की समान तिमाही में कुल मुनाफा 39,974 करोड़ रुपये था। यानी कुल बढ़त 4,244 करोड़ रुपये रही। SBI अकेले ही इस मुनाफे का 43 प्रतिशत हिस्सा लेकर आया, जिसका शुद्ध मुनाफा 19,160 करोड़ रुपये रहा।
कैसी रहेगी बाकी बैंकों की कमाई
मीटिंग का मकसद क्या है?
वित्त मंत्रालय को इस बैठक यह समझने में मदद करेगी कि सार्वजनिक बैंकों का मौजूदा प्रदर्शन कैसा है, कौन से बैंक मजबूत हैं और कौन से सुधार की जरूरत में हैं। इसके आधार पर भविष्य में बैंकिंग रणनीतियों और नीतियों पर निर्णय लिए जाएंगे।
इससे पहले जून के आखिर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) से कहा था कि वे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले सेक्टरों को कर्ज देने में पीछे न रहें और इसके लिए RBI द्वारा रेपो रेट में की गई 50 आधार अंक की बड़ी कटौती का पूरा फायदा उठाएं।
PSB के वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान सीतारमण ने बैंकों के प्रमुखों से वित्त वर्ष 2025-26 में मुनाफे की रफ्तार को बनाए रखने को भी कहा था।
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