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फिच ने भारत की रेटिंग 'BBB-' पर रखी बरकरार, FY26 में 6.5% की GDP ग्रोथ रेट का अनुमान

ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch Ratings) ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को स्टेबल आउटलुक के साथ 'BBB-' पर बरकरार रखा है। एजेंसी का कहना है कि मौजूदा वित्त वर्ष 2026 में भारत की GDP ग्रोथ रेट 6.5% की मजबूत दर से बढ़ सकती है। एजेंसी ने कहा कि जीएसटी में प्रस्तावित सुधारों और दूसरे नीतिगत कदमों से इस ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। हालांकि दूसरी ओर, ऊंचा कर्ज स्तर भारत की क्रेडिट क्वालिटी के लिए एक कमजोरी बना रहेगा

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Aug 25, 2025 पर 3:14 PM
फिच ने भारत की रेटिंग 'BBB-' पर रखी बरकरार, FY26 में 6.5% की GDP ग्रोथ रेट का अनुमान
फिच (Fitch Ratings) ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ का भारत के जीडीपी पर सीधा असर “सीमित” होगा

ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch Ratings) ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को स्टेबल आउटलुक के साथ 'BBB-' पर बरकरार रखा है। एजेंसी का कहना है कि मौजूदा वित्त वर्ष 2026 में भारत की GDP ग्रोथ रेट 6.5% की मजबूत दर से बढ़ सकती है। एजेंसी ने कहा कि जीएसटी में प्रस्तावित सुधारों और दूसरे नीतिगत कदमों से इस ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। हालांकि दूसरी ओर, ऊंचा कर्ज स्तर भारत की क्रेडिट क्वालिटी के लिए एक कमजोरी बना रहेगा।

‘ट्रंप टैरिफ’ को लेकर असमंजस

फिच ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए जाने वाले 50% टैरिफ उसकी ग्रोथ आउटलुक के लिए एक जोखिम हैं। हालांकि एजेंसी का अनुमान है कि यह टैरिफ “आखिरकार कम कर दिए जाएंगे।”

फिच का कहना है कि भारत की जीडीपी में अमेरिकी एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी केवल 2 फीसदी है। इसलिए अमेरिका के टैरिफ का भारत के जीडीपी पर सीधा असर “सीमित” होगा। हालांकि यह जरूर है कि टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं के चलते निवेश और कारोबारी सेंटीमेंट कमजोर हो सकता है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अगर बाकी एशियाई देशों की तुलना में भारत पर टैरिफ अधिक बना रहता है, तो ‘चाइना+1’ की रणनीति से भारत को मिलने वाले लाभ घट सकते हैं।

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