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क्या दुनिया 'स्टैगफ्लेशन' की ओर बढ़ रही है? जानें क्या होता है ये जिसे लेकर डरे हुए हैं एक्सपर्ट्स

Iran War-Global Economy Slowdown: रिजर्व बैंक और अन्य केंद्रीय बैंकों के लिए यह स्थिति बहुत पेचीदा है। अगर वे विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरें घटाते हैं, तो महंगाई और बढ़ सकती है। साथ ही अगर वे महंगाई रोकने के लिए ब्याज दरें बढ़ाते हैं, तो आर्थिक विकास की रफ्तार और धीमी हो सकती है

Abhishek Guptaअपडेटेड Apr 19, 2026 पर 10:19 AM
क्या दुनिया 'स्टैगफ्लेशन' की ओर बढ़ रही है? जानें क्या होता है ये जिसे लेकर डरे हुए हैं एक्सपर्ट्स
आने वाला हफ्ता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम होने वाला है

Stagflation Risk: ईरान युद्ध शुरू हुए सात हफ्ते बीत चुके हैं और शांति को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में पूरी दुनिया के सामने एक ही बड़ा सवाल है: क्या ग्लोबल इकोनॉमी 'स्टैगफ्लेशन' की चपेट में आ रही है? दरअसल आने वाला हफ्ता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम होने वाला है, क्योंकि कई बड़े देशों के आर्थिक आंकड़े आने वाले हैं। उन आकड़ों से हमें वैश्विक अर्थव्यवस्था पर युद्ध के असल प्रभावों का पता चलेगा।

क्या है स्टैगफ्लेशन, जिससे डरे हुए हैं विशेषज्ञ?

स्टैगफ्लेशन अर्थव्यवस्था की वह खतरनाक स्थिति है जिसमें दो चीजें धीमी विकास दर और बेकाबू महंगाई एक साथ होती हैं। इसमें जीडीपी और औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार सुस्त पड़ जाती है। साथ ही जरूरी चीजों और ईंधन के दाम लगातार बढ़ते रहते हैं। विशेषज्ञों को डर है कि 1970 के दशक जैसा दौर फिर से लौट सकता है, जिसने तब पूरी दुनिया की कमर तोड़ दी थी।

क्या है संकट की असली जड़

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