GoFirst से टिकट खरीद चुके लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें अपने पैसे वापस मिल जाएंगे। गोफर्स्ट टिकट के पैसे लौटाने में किसी तरह की आनाकानी नहीं कर सकेगी। DGCA ने गोफर्स्ट को पैसेंजर्स के पैसे लौटाने के आदेश दिए हैं। डीजीसीए सिविल एविएशन का रेगुलेटर है। इसलिए उसके आदेश का बहुत महत्व है। गोफर्स्ट के अचानक इनसॉल्वेंसी के लिए अप्लिकेशन फाइल कर देने से उन लोगों को बहुत दिक्कतों का सामाना करना पड़ रहा है, जिन्होंने एयरलाइंस का टिकट खरीदा था।
गोफर्स्ट वाडिया समूह की कंपनी है। उसके अचानक इनसॉल्वेंसी एप्लिकेशन दाखिल करने की खबर से उसके यात्रियों को बहुत झटका लगा। कंपनी ने हवाई सेवाएं 5 मई तक बंद करने का ऐलान किया। इससे उन पैसेंजर्स को बहुत दिक्कत हो रही है, जिन्होंने इस दौरान यात्रा के लिए एयरलाइंस के टिकट खरीदे थे। 3 और 4 मई को एयरपोर्ट्स पहुंचने पर कई यात्रियों को एयरलाइंस की हवाई सेवाएं बंद होने की जानकारी मिली।
पैसे की कमी से बंद हुई सेवाएं
गोफर्स्ट ने कहा है कि उसके पास सेवाएं जारी रखने के लिए पैसे नहीं हैं। इसलिए वह अपनी सेवाएं बंद कर रही है। बताया जाता है कि उसने अपने सभी फ्लाइट्स 15 तक के लिए कैंसिल कर दिए हैं। अब वह इन पैसेंजर्स के पैसे वापस लौटाने की कोशिश कर रही है, जो हवाई सेवाएं बंद होने की वजह से यात्रा नहीं कर पाएंगे।
DGCA ने मामले की जांच के बाद दिया आदेश
DGCA के नोटिस में कहा गया है, "रेगुलेटर ने गोफर्स्ट के रेस्पॉन्स की जांच की है। उसके बाद मौजूद नियमों के तहत एयरलाइंस को नोटिस जारी किया है। इसमें उसे पैसेंजर्स के पैसे लौटाने को कहा गया है।" गोफर्स्ट ने 2 मई को बताया था कि उसने NCLT में वॉलेंटरी इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसिडिंग्स के लिए अप्लिकेशन फाइल किया है। यह ऐलान कंपनी के सीईओ कौशिक खोना ने किया। उससे पहले कंपनी ने कहा था कि पैसे की कमी की वजह से वह 3 और 4 मई को अपनी हवाई सेवाएं बंद रखेगी।
इंजन की सप्लाई नहीं होने से 50% विमान जमीन पर
इस सवाल के जवाब में कि एयरलाइंस को पैसे की कमी का सामना क्यों करना पड़ रहा है, खोना ने कहा कि उसके 28 प्लेन जमीन पर खड़े हैं। यह संख्या उसके विमानों की कुल संख्या का करीब 50 फीसदी है। इसकी वजह यह है कि एयरलाइंस को इंजन की सप्लाई करने वाली कंपनी Pratt & Whitney बार-बार कहने के बाद भी इंजन की सप्लाई नहीं कर रही है।