Google News: मशहूर ऑनलाइन रिव्यू प्लेटफॉर्म येल्प (Yelp) ने गूगल के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। येल्प का आरोप है कि गूगल के एंटी-कॉम्पटीटिव प्रैक्टिसेस के चलते उसके कारोबार को नुकसान पहुंचा है। येल्प के को-फाउंडर और सीईओ जेरेमी स्टोपलमैन (Jeremy Stoppelman) ने एक ब्लॉगपोस्ट में कहा कि गूगल ने जनरल सर्च में अपनी मोनॉपली का गलत इस्तेमाल करके स्थानीय सर्च और स्थानीय सर्च ऐड मार्केट पर कब्जा कर लिया है। अब जेरेमी का कहना है कि कॉम्पटीशन को बनाए रखने, कंज्यूमर की च्वाइस को सुरक्षित रखने, नुकसान की भरपाई और गूगल को एंटी-कॉम्पटीटिव प्रैक्सिटेसज में शामिल होने से रोकने के लिए इसके खिलाफ मुकदमा किया गया है ताकि नए सोच को सपोर्ट मिल सके।
येल्प का कहना है कि जब कोई कंज्यूमर गूगल पर कोई स्थानीय जानकारी खोजता है तो गूगल अपने हिसाब से रिजल्ट दिखाता है। यह अपने कॉम्पटीटर की बजाय अपने खुद के रिजल्ट को ऊपर दिखाता है, चाहे उसकी क्वालिटी खराब ही क्यों न हो। येल्प का यह भी कहना है कि गूगल के इस भेदभाव के चलते कॉम्पटीटर्स को तो नुकसान होता ही है, ऐड देने वालों को भी नुकसान होता है। जेरेमी के मुताबिक गूगल के तरीकों से स्थानीय सर्च ऐड मार्केट में कॉम्पटीशन को नुकसान पहुंचता है और गूगल ऐसा इसलिए करती है ताकि अधिक से अधिक ऐड वाले गूगल के पास ही जाएं। जेरेमी ने गूगल के खिलाफ जो याचिका दायर किया है, उसमें उनका कहना है कि इस मुकदमे से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि येल्स और बाकी स्थानीय सर्च प्रोवाइडर्स आपस में प्रभावी तरीके से कॉम्पीट कर सकें और कंज्यूमर्स को बेहतर सर्च एक्सपीरिएंस मिलेगा।
इस मामले में Google का क्या कहना है?
गूगल के प्रवक्ता ने एक मीडिया कंपनी को दिए बयान में कहा कि येल्स ने जो आरोप लगाए हैं, वह नए नहीं हैं। गूगल के प्रवक्ता के मुताबिक इसी तरह के दावे वर्षों पहले FTC और हाल ही में DOJ के मामले में जज ने खारिज कर दिए थे। गूगल प्रवक्ता ने कहा कि येल्प के बिना आधार के दावों के खिलाफ मजबूती से कंपनी अपना पक्ष रखेगी। येल्प ने यह मुकदमा ऐसे समय में किया है जब कुछ समय पहले अमेरिकी फेडरल जज ने फैसला सुनाया था कि गूगल ने वर्षों से जनरल सर्च मार्केट गैरकानूनी रूप से मोनॉपली बनाए रखी है।