Stock Markets: गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) सिस्टम में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिए हैं कि GST दरों को कम करने और टैक्स स्लैब्स को आसान बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। ईटी अवॉर्ड्स कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा, "सरकार जीएसटी दर और स्लैब कटौती पर अपने रुख को अंतिम रूप देने के बहुत करीब है।"
स्टेकहोल्डर्स की चिंताओं पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि स्वीकार किया कि कुछ आलोचनाएं सामने आई हैं और कई लोगों को लगता है कि GST सिस्टम को स्थिर होने का पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, "हमें फीडबैक मिला है कि हमने इसे व्यवस्थित होने का पर्याप्त समय नहीं दिया, इसलिए थोड़ी निराशा थी।" उन्होंने कहा कि वह खुद जीएसटी समूह के प्रत्येक कार्य की समीक्षा कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि परिवर्तन राष्ट्र के सर्वोत्तम हित में हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि हर GST ग्रुप के काम की वह खुद समीक्षा कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बदलाव देश के सर्वोत्तम हित में हैं।
वित्त मंत्री ने बताया कि GST लागू होने के बाद टैक्स कलेक्शन में स्थिरता आई है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के समय रेवेन्यू न्यूट्रेल रेट (RNR) 15.8% निर्धारित की गई थी, जो अब 2023 में घटकर 11.4% हो चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि GST लागू होने के बाद किसी भी वस्तु पर टैक्स की दरों में इजाफा नहीं हुआ हैं। उन्होंने कहा, ""15.8% की दर, जीएसटी के पहले के टैक्स दरों से कम था। इसलिए जो लोग सोचते हैं कि GST से चीजें महंगी हुई हैं, मैं उन्हें चुनौती देती हूं कि वे मुझे एक भी वस्तु बताएं, जिसकी कर दर बढ़ी हो!"
वित्त मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि जीएसटी दरों में और कटौती की संभावना है, उन्होंने आश्वासन दिया कि दरें कम होती रहेंगी। उन्होंने कहा, "अगर 15.8% घटकर 11.4% हो गया है, तो यह और भी कम होगा।" उन्होंने संकेत दिया कि सरकार की दरें और भी कम करने की योजना है।
वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने कोई भी रिपोर्ट जीएसटी काउंसिल के सामने पेश करने से पहले उससे जुड़े सभी प्रस्तावों की सावधानीपूर्वक समीक्षा करने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य GST सिस्टम को और सरल बनाना, टैक्स दरों को कम करना और टैक्सपेयर्स को राहत देना है।