सरकार कर्ज के बोझ से दबी Vodafone Idea में हिस्सेदारी हासिल करेगी। इसके शेयरों की कीमत 10 रुपये या इससे ऊपर स्थिर हो जाने के बाद सरकार इसमें हिस्सेदारी हासिल करेगी। एक आधिकारिक सूत्र ने यह जानकारी दी। Vodafone Idea के शेयर 8 सितंबर (गुरुवार) को 0.51 फीसदी की कमजोरी के साथ 9.70 रुपये पर बंद हुए।
Vodafone Idea (VIL) के बोर्ड ने 10 रुपये प्रति शेयर भाव पर सरकार को हिस्सेदारी ऑफर किया है। सूत्र ने बताया, "सेबी का नियम है कि अधिग्रहण शेयरों की वैल्यू के आधार पर होना चाहिए। वीआईएल के शेयर के प्राइस 10 रुपये या इसके ऊपर व्यवस्थित हो जाने के बाद DoT इस अधिग्रहण को मंजूरी देगा।"
वोडाफोन आइडिया के शेयरों में 19 अप्रैल से 10 रुपये से नीचे ट्रेडिंग हो रही है। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने जुलाई में VIL में हिस्सेदारी हासिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। वोडाफोन आइडिया देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। इसमें आदित्य बिड़ला समूह की बड़ी हिस्सेदारी है।
वोडाफोन ने अपने ऊपर इंटरेस्ट के रूप में सरकार के बकाया करीब 16,000 करोड़ रुपये को शेयरों में बदलने का फैसला किया है। यह वोडाफोन में करीब 33 फीसदी हिस्सेदारी के बराबरी होगा। इससे कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी 74.99 फीसदी से घटकर 50 फीसदी पर आ जाएगी।
सरकार ने वोडाफोन को स्पेक्ट्रम की किस्त और AGR के बकाया अमाउंट पर इंटरेस्ट चार साल में चुकाने का ऑप्शन दिया है। सरकार ने कहा है कि कंपनी इंटरेस्ट अमाउंट को शेयरों में बदल सकती है।
वोडाफोन आइडिया पर 30 सितंबर, 2021 को कुल 1,94,780 करोड़ रुपये बकाया था। इसमें स्पेक्ट्रम का 1,08,610 करोड़ रुपये, एजीआर का 63,400 करोड़ और बैंकों का 22,770 करोड़ रुपये का बकाया शामिल है। अप्रैल-जून 2022 तिमाही में VIL का कुल ग्रॉस कर्ज 1,99,080 करोड़ रुपये था।