GST collection in Mar 2026: पिछले वित्त वर्ष 2026 का आखिरी महीना जीएसटी कलेक्शन के मामले में धमाकेदार रहा। ऐसा इसलिए क्योंकि मार्च में जीएसटी कलेक्शन 8% से अधिक बढ़कर ₹2 लाख करोड़ पर पहुंच गया जोकि 10 महीने में सबसे अधिक भी रहा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छिमाही में मंथली रेवेन्यू में धीरे-धीरे रिकवरी होने लगी और मार्च में तो यह 10 महीने के हाई पर पहुंच गया। फरवरी में जरुर थोड़ा झटका लगा जब ₹1.84 लाख करोड़ की जीएसटी कलेक्ट हुई लेकिन मार्च में तेजी से रिकवर होकर यह ₹2 लाख करोड़ पर पहुंच गया। अब तक सबसे अधिक जीएसटी सरकार को अप्रैल 2025 में मिली थी जब ₹2.37 लाख करोड़ कलेक्ट हुए थे।
कैसा रहा पूरे वित्त वर्ष 2026 का हाल?
वित्त वर्ष 2026 के पहले महीने अप्रैल में सरकार को ₹2.37 लाख करोड़ की जीएसटी मिली जोकि रिकॉर्ड है। सालाना आधार पर यह 12.6% की रफ्तार से बढ़ा था। इसके अगले ही महीने मई में जीएसटी कलेक्शन 16.4% यानी और तेज रफ्तार से बढ़ा लेकिन जीएसटी ₹2.01 लाख करोड़ कलेक्ट हुई। इसके बाद जून 2025 में ₹1.85 लाख करोड़, जुलाई 2025 में ₹1.95 लाख करोड़, अगस्त 2025 में ₹1.86 लाख करोड़, सितंबर 2025 में ₹1.89 लाख करोड़, अक्टूबर 2025 में ₹1.96 लाख करोड़, नवंबर 2025 में ₹1.70 लाख करोड़, दिसंबर 2025 में ₹1.75 लाख करोड़, जनवरी 2025 में ₹1.93 लाख करोड़, और फरवरी 2025 में ₹1.84 लाख करोड़ की जीएसटी कलेक्ट हुई।
इसके बाद आया मार्च 2026, जब एक बार फिर इसने ₹2 लाख करोड़ का लेवल छुआ।। नवंबर महीने में आंकड़ा हल्का कम हुआ क्योंकि सितंबर में कई चीजों पर जीएसटी कम की गई थी। पूरे वित्त वर्ष 2026 में ग्रास जीएसटी रेवेन्यू ₹22.27 लाख करोड़ रहा जोकि सालाना आधार पर 8.3% अधिक रहा।
जीएसटी कलेक्शन में रिफंड कितना?
मार्च में जितनी जीएसटी सरकार ने वसूल की, उसमें ₹1.46 लाख करोड़ का घरेलू रेवेन्यू और आयात से ₹53,861 करोड़ का रेवेन्यू शामिल हैष घरेलू रेवेन्यू में सालाना आधार पर 5.9% की तेजी आई तो आयात से रेवेन्यू में 17.8% का उछाल। इसका मतलब हुआ कि मार्च के जीएसटी कलेक्शन को बढ़ाने में घरेलू रेवेन्यू से अधिक आयात से जुड़े रेवेन्यू की हिस्सेदारी अधिक रही। मार्च में सरकार ने ₹2 लाख करोड़ का जीएसटी कलेक्ट किया जो सालाना आधार पर 8% से अधिक रहा। हालांकि इसमें रिफंड का भी आंकडा बढ़ा जोकि सालाना आधार पर 13.8% बढ़कर ₹22,074 करोड़ पर पहुंच गया। इस प्रकार नेट जीएसटी रेवेन्यू 8.2% की बढ़ोतरी के साथ ₹1.78 लाख करोड़ रही।