Get App

GST चोरी रोकने के लिए अब सामान को किया जाएगा ट्रैक एंड ट्रेस, पैकेज पर रहेगा खास निशान

ट्रैक एंड ट्रेस मैकेनिज्म के लिए केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में सेक्शन 148A के माध्यम से एक प्रावधान शामिल किया जाएगा। इसके अलावा GST काउंसिल ने कई और फैसले भी लिए। ऑनलाइन सर्विसेज की सप्लाई के को लेकर भी नया प्रावधान किया गया है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Dec 22, 2024 पर 10:15 AM
GST चोरी रोकने के लिए अब सामान को किया जाएगा ट्रैक एंड ट्रेस, पैकेज पर रहेगा खास निशान
नए मैकेनिज्म से सप्लाई चेन में स्पेसिफाइड कमोडिटीज का पता लगाया जा सकेगा।

GST काउंसिल ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) चोरी रोकने के लिए अहम कदम उठाते हुए टैक्स चोरी की आशंका वाली कुछ चीजों के लिए ‘ट्रैक एंड ट्रेस’ मैकेनिज्म लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके तहत ऐसी चीजों या पैकेज पर एक खास निशान लगाया जाएगा, ताकि सप्लाई चेन में उनका पता लगाया जा सके। इसके लिए केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) अधिनियम, 2017 में सेक्शन 148ए के माध्यम से एक प्रावधान शामिल किया जाएगा।

वित्त मंत्रालय ने काउंसिल की 55वीं मीटिंग में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘‘यह मैकेनिज्म, यूनीक आइ​डेंटिफिकेशन मार्किंग पर बेस्ड होगा, जिसे टैक्स चोरी की आशंका वाली चीजों या उनके पैकेट पर चिपकाया जाएगा। इससे मैकेनिज्म विकसित करने के लिए लीगल फ्रेमवर्क उपलब्ध होगा और सप्लाई चेन में स्पेसिफाइड कमोडिटीज का पता लगाने के लिए मैकेनिज्म के इंप्लीमेंटेशेन में मदद मिलेगी।’’

ऑनलाइन सर्विसेज को लेकर नया प्रावधान

इसके अलावा ऑनलाइन सर्विसेज को लेकर भी नया प्रावधान किया गया है। कहा गया है, ‘‘यह स्पष्ट किया जाता है कि अनरजिस्टर्ड रेसिपिएंट्स को ऑनलाइन मनी गेमिंग, OIDAR सर्विसेज आदि जैसी ऑनलाइन सेवाओं की सप्लाई के संबंध में, सप्लायर को टैक्स चालान पर अनरजिस्टर्ड रेसिपिएंट्स के राज्य का नाम अनिवार्य रूप से दर्ज करना जरूरी है। रेसिपिएंट्स के राज्य का नाम IGST अधिनियम, 2017 के सेक्शन 12(2)(बी) के पर्पस के लिए रेसिपिएंट्स के रिकॉर्ड में दर्ज पता माना जाएगा, जिसे CGST नियम, 2017 के नियम 46(एफ) के प्रावधान के साथ पढ़ा जाएगा।’’

सब समाचार

+ और भी पढ़ें