निजी सेक्टर के दिग्गज बैंक HDFC Bank की नेट बैंकिंग कस्टमर्स को बहुत परेशान कर रही। 3 मार्च को कुछ कस्टमर्स ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी पोस्ट्स डाली। कुछ लोगों को मोबाइल ऐप के जरिए पैसे ट्रांसफर करने में भी दिक्कत आई और कुछ को कस्टमर सर्विस एग्जेक्यूटिव्स से भी संपर्क करने में समस्या हुई। शिकायतों को ट्रैक करने वाली प्लेटफॉर्म Downdetector.com के मुताबिक 9 मार्च को भी एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों को बहुत दिक्कतें आईं। ज्यादातर शिकायतें दोपहर 1 बजे के बाद आईं और ये भी मुख्य रूप से मुंबई, दिल्ली, बेंदलुरू, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, नागपुर,सूरत, चंडीगढ़ से रहीं। एचडीएफसी बैंक के अलावा देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के ग्राहकों को भी बड़ी दिक्कतें आईं। इससे पहले 28 फरवरी को भी एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों को ऐसी दिक्कतें हुई थीं जब वे मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे।
सोशल मीडिया पर कस्टमर्स का फूटा गुस्सा
एचडीएफसी बैंक के एक खाताधारक संजय गांधी ने कहा कि वह चालू खाते की सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। वहीं ट्विटर पर एक यूजर गौरव ने लिखा है कि नेटवर्क डाउन होने के कारण वह बैंक में कैश नहीं जमा कर पा रहे हैं। आप कब बड़े होंगे। क्या अभी भी हम सभी नो नेटवर्क एरिया में रह रहे हैं। लोग इस प्रकार की दिक्कतों से बचने के लिए ही प्राइवेट बैंकों में जाते हैं। गौरव को यह दिक्कत एचडीएफसी बैंक के गौड़ सिटी 1, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आई।
सिर्फ तकनीकी दिक्कतें ही नहीं, जूझना पड़ा डेटा लीक से भी
बैंक के कस्टमर्स को सिर्फ तकनीकी दिक्कतें ही हुईं, ऐसा नहीं है, उनका डेटा भी लीक होने की जानकारी सामने आई थी। कुछ समय पहले बैंक के ग्राहकों का डेटा लीक हो गया था। इसके कुछ घंटे बाद बैंक ने सफाई दी कि दिक्कतों को सुलझा लिया गया है और कोई डेटा लीक नहीं हुआ है। हालांकि 8 मार्च को मिंट न्यूजपेपर ने खुलासा किया था कि बैंक की एनबीएफसी इकाई एचडीबी फाइनेंशियल्स ने अपने एक सर्विस प्रोवाइडर्स के यहां डेटा लीक की बात मानी है।
RBI लगा चुका है पाबंदी भी
तकनीकी दिक्कतों के चलते दिसंबर 2020 में केंद्रीय बैंक RBI ने एचडीएफसी बैंक को नए क्रेडिट कार्ड जारी करने से लेकर नए डिजिटल सर्विसेज शुरू करने पर अस्थाई रूप से रोक लगा दिया था। अगले साल 2021 में प्रतिबंधों में कुछ ढील मिली और बैंक को नए क्रेडिट कार्ड जारी करने की मंजूरी मिल गई। मार्च 2022 में ही प्रतिबंध पूरी तरह से हटे। आरबीआई बैंकों को तकनीकी में निवेश के लिए प्रोत्साहित कर रहा है ताकि कस्टमर्स को बिना दिक्कतों के सर्विसेज मिल सके।