Tata Tech IPO: टाटा ग्रुप का शुमार देश की सबसे भरोसेमंद कंपनियों में से एक है। अब यह ग्रुप करीब 18 साल बाद IPO लाने की तैयारी में है। टाटा ग्रुप ने बताया है कि टेक कंपनी Tata Technologies ने इश्यू से फंड जुटाने के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिया है। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। कंपनी के प्रमोटर्स और मौजूदा शेयरहोल्डर्स 9.57 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगे। टाटा ग्रुप की एक और कंपनी टाटा प्ले (Tata Play) भी आईपीओ लाने की तैयारी में है। जो भी कंपनी पहले इश्यू लाएगी, वह 18 साल में टाटा ग्रुप का पहला आईपीओ होगा।
टाटा टेक्नोलॉजीज का इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का होगा। इस इश्यू के तहत टाटा मोटर्स 8.11 करोड़. अल्फा टीसी होल्डिंग्स 97.2 लाख और टाटा कैपिटल ग्रोथ फंड 1 अपने हिस्से के 48.6 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगी। टाटा टेक में टाटा मोटर्स की 74.69 फीसदी, अल्फा टीसी होल्डिंग्स की 7.26 फीसदी और टाटा कैपिटल ग्रोथ फंड 1 की 3.63 फीसदी हिस्सेदारी है। इश्यू के लिए जेएम फाइनेंशियल, बोफा सिक्योरिटीज और सिटी ग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया लीड मैनेजर्स हैं।
कंपनी के बारे में डिटेल्स
टाटा टेक ऑटो, इंडस्ट्रियल हैवी मशीनरी और एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज को प्रोडक्ट इंजीनियरिंग और डिजिटल सर्विसेज मुहैया कराती है। यह कनेक्टेड बिजनेस को इंजीनियरिंग, आरएंडडी, डिजिटल एंटरप्राइज सॉल्यूशंस, एडुकेशन प्रोग्राम्स,वैल्यू-एडेड रीसेलिंग और आईटी प्रोडक्ट लाइफसाइकल मैनेजमेंट सर्विसेज जैसी प्रोडक्ट्स और सर्विसेज मुहैया कराती है। अमेरिका, यूरोप, भारत, चीन, जापान और सिंगापुर के 18 डिलीवरी सेंटर्स में इसके 11 हजार से अधिक एंप्लॉयीज काम करते हैं।
टाटा टेक अपने कारोबार के लिए मुख्य रूप से टाटा ग्रुप पर ही निर्भर है। इसे सबसे अधिक कारोबार टाटा मोटर्स और जगुआर लैंड रोवर से मिलता है। हालांकि टाटा ग्रुप से बाहर भी यह अपना कारोबार बढ़ा रही है और वित्त वर्ष 2020 में 46 फीसदी से यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2022 में 64 फीसदी पर पहुंच गया। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2022 में 3011.79 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 407.47 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल हुआ। इसे 88.43 फीसदी रेवेन्यू सर्विस सेग्मेंट से हासिल हुआ।