Adani Group: अडानी ग्रुप की पूंजी जुटाने की क्षमता हो सकती है कम, रेटिंग एजेंसी मूडीज ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर दी चेतावनी

मूडीज ने कहा कि अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट (Hindenberg Report) के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में हाल ही में तेज गिरावट आई है। इस गिरावट के चलते ग्रुप की पूंजी जुटाने की क्षमता कम हो सकती है। हिंडनबर्ग रिसर्च ने पिछले हफ्ते एक रिपोर्ट में अडानी ग्रुप के कर्ज के स्तर और टैक्स हैवन के इस्तेमाल पर सवाल उठाया था

अपडेटेड Feb 03, 2023 पर 3:52 PM
Moody's ने अडानी ग्रुप की कंपनियों के रेटिंग में कोई बदलाव नहीं किया है 27-31 जनवरी के बीच खुला था

अडानी ग्रुप के शेयरों (Adani Group Stocks) में तेज गिरावट से भारतीय कारोबारी समूह की पूंजी जुटाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody's) ने शुक्रवार 3 फरवरी को एक रिपोर्ट में यह चेतावनी दी। मूडीज ने कहा कि अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट (Hindenberg Report) के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में हाल ही में तेज गिरावट आई है। इस गिरावट के चलते ग्रुप की पूंजी जुटाने की क्षमता कम हो सकती है। बता दें कि हिंडनबर्ग रिसर्च ने पिछले हफ्ते एक रिपोर्ट में अडानी ग्रुप के कर्ज के स्तर और टैक्स हैवन के इस्तेमाल पर सवाल उठाया था। हालांकि अडानी ग्रुप ने इन रिपोर्टों को निराधार बताया और कहा कि उनकी वित्तीय स्थित मजबूत है।

Moody's ने कहा, "अडानी ग्रुप ने जो कैपिटल एक्सपेंडिंचर का ऐलान किया हुआ है, उसके लिए उसे पूंजी चाहिए। ये विपरीत परिस्थितियां अगले 1-2 साल के लिए ग्रुप की पूंजी जुटाने या मैच्योर होने वाले डेट को रिफाइनेंस करने की क्षमता घटा सकती है। हालांकि हम यह भी देखते हैं कि कैपिटल एक्सपेंडिचर का एक हिस्सा टाला जा सकता है और ग्रुप की रेटिंग वाली कंपनियों का कोई भी बड़ा डेट वित्त वर्ष 2025 से पहले मैच्योर नहीं हो रहा है।"

Moody's ने अडानी ग्रुप की तीन कंपनियों को रेटिंग दिया हुआ है। इसमें अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (Adani Ports & SEZ), अडानी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) और अडानी ट्रांसमिशन (Adani Transmission) शामिल है। मूडीज ने कहा कि इन तीनों कंपनियों की रेटिंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि वह इन कंपनियों की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी का फिर से आकलन कर रही है।


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मूडीज ने कहा, "एक शॉर्ट-सेलर की ओर से गवर्नेंस का मुद्दा उठाए जाने के बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों की मार्केट वैल्यू तेजी से घटी है। इसे देखते हुए फिलहाल हमारा फोकस मुख्य रूप से ग्रुप की रेटिंग वाली कंपनियों की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी का आकलन करना है। इसमें यह भी आकलन शामिल है कि ग्रुप के पास रिफाइनेंसिंग और कैपिटल एक्सपेंडिचर को सपोर्ट करने के लिए पर्याप्त कैश या कैश जुटाने की कितनी क्षमता है।"

मूडीज ने यह भी कहा कि उसने इन कंपनियों की रेटिंग उनके नियामकीय इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस, लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट्स, मजबूत ऑपेरिटंग कैश फ्लो और मार्केट में मजबूत स्थिति को आधार बनाते हुए दिया है।

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