क्या मंदी की ओर बढ़ रहा ज्वेलरी सेक्टर? टाइटन ने नहीं जोड़े नए ग्राहक, कल्याण-सेंको की ग्रोथ भी रही सुस्त

Gold Price Impact: पहली तिमाही में टाइटन ने नए ग्राहक नहीं जोड़े, और कल्याण-सेंको की ग्रोथ भी सुस्त रही। जानिए ग्राहक सोने के गहने खरीदना कम क्यों कर रहे हैं और क्या ज्वेलरी सेक्टर मंदी की ओर बढ़ रहा है?

अपडेटेड Jul 08, 2025 पर 10:53 PM
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ग्राहक अब 22 कैरेट की जगह 18 कैरेट और 9 कैरेट ज्वेलरी की ओर झुक रहे हैं।

Gold Price Impact: भारतीय ज्वेलरी कंपनियों पर सोने की तेजी का असर साफ नजर आने लगा है। टाइटन (Titan) जैसी बड़ी कंपनियों से लेकर सेंको गोल्ड (Senco Gold) जैसे रीजनल ब्रांड्स तक को वॉल्यूम ग्रोथ में गिरावट, मार्जिन पर दबाव और ग्राहकों के व्यवहार में बदलाव का सामना करना पड़ रहा है।

32% उछाल से बदला बाजार का मिजाज

पिछले एक साल में सोने की कीमतों में लगभग 32 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। इसके पीछे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी और कमजोर अमेरिकी डॉलर जैसे कारण हैं। इसका असर सीधे तौर पर भारतीय उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, जो अब बड़ी खरीदारी टाल रहे हैं या पुराना सोना एक्सचेंज कर रहे हैं।


टाइटन ने नहीं जोड़े नए ग्राहक

देश के सबसे बड़ी ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क (Tanishq) की मालिक कंपनी टाइटन (Titan) ने अपनी पहली तिमाही (Q1 FY26) रिपोर्ट में बताया कि अप्रैल से जून के दौरान कंपनी ने कोई नया ग्राहक नहीं जोड़ा। तनिष्क, मिया (Mia) और जोया (Zoya) जैसे ब्रांड्स ने मिलकर 17 फीसदी सालाना रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की। यह पहले 25 फीसदी के आसपास रहा करती थी।

ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल (Emkay Global) के मुताबिक, 'टाइटन की यह ग्रोथ एक कमजोर आधार पर भी आई है, जो पिछली बार सिर्फ 9% थी। इससे संकेत मिलता है कि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में हाई ग्रोथ की उम्मीद अब जोखिम में है।"

कंपनी ने यह भी बताया कि अक्षय तृतीया के दौरान मांग मजबूत रही, लेकिन मई से जून के बीच कीमतों में आई तेजी ने खरीदारी को प्रभावित किया।

9 और 18 कैरेट की ओर झुके ग्राहक

टाइटन ने कहा कि ऊंची कीमतों के चलते ग्राहक अब 22 कैरेट की जगह 18 कैरेट और 9 कैरेट ज्वेलरी की ओर झुक रहे हैं। इसके अलावा स्टडेड यानी स्टोन लगी ज्वेलरी की तुलना में गोल्ड कॉइन जैसी लो-मार्जिन प्रोडक्ट्स की मांग ज्यादा रही।

एनालिस्टों का मानना है कि स्टोर्स में फुटफॉल घटने और स्टडेड ज्वेलरी की सेल कमजोर रहने से कंपनी का रेवेन्यू मिक्स फिलहाल कमजोर दिखता है। वहीं, ज्वेलरी कंपनियां हालात चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद पूरे सेक्टर के फॉर्मलाइजेशन को देखते हुए अपने फ्रैंचाइजी नेटवर्क के विस्तार में निवेश कर रही हैं।

कल्याण और सेंको के प्रदर्शन में फर्क

कल्याण ज्वेलर्स (Kalyan Jewellers) ने Q1 में 31 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जिसका बड़ा हिस्सा अक्षय तृतीया और शादियों की मांग से आया। हालांकि, यह ग्रोथ पिछले तीन तिमाहियों की हाई-30 फीसदी दर की तुलना में धीमी रही।

वहीं, कोलकाता स्थित सेंको गोल्ड (Senco Gold) ने मास और ब्राइडल सेगमेंट में वॉल्यूम ग्रोथ में नरमी की बात मानी, लेकिन कंपनी ने 24 फीसदी रिटेल रेवेन्यू ग्रोथ और 19 फीसदी सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ रिपोर्ट की।

सेंको ने बताया कि इस तिमाही में इनवॉइस ग्रोथ और SKU ग्रोथ दोनों 10 फीसदी रही। खास बात यह रही कि 40 फीसदी सेल्स पुराने सोने के एक्सचेंज से आईं, जिससे वॉल्यूम दबाव के बावजूद वैल्यू टर्म्स में डिमांड स्थिर रही।

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