IIP Growth: 26 महीने के हाई पर IIP ग्रोथ, दिसंबर में 7.8% का इजाफा; माइनिंग-पावर सेक्टर में तेजी

IIP Growth: दिसंबर 2025 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक 7.8 प्रतिशत बढ़कर 26 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। मैन्युफैक्चरिंग, माइनिंग और बिजली उत्पादन में मजबूती से भारत के औद्योगिक सेक्टर में लगातार सुधार के संकेत मिले हैं।

अपडेटेड Jan 28, 2026 पर 4:35 PM
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दिसंबर में IIP की इस मजबूत ग्रोथ के पीछे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की सबसे अहम भूमिका रही।

IIP Growth: भारत के औद्योगिक सेक्टर से दिसंबर 2025 में उत्साहजनक संकेत मिले हैं। सरकार की ओर से जारी ताजा आंकडों के अनुसार, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में दिसंबर महीने में 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बीते 26 महीने यानी दो साल से ज्यादा समय की सबसे तेज ग्रोथ मानी जा रही है। इससे पहले नवंबर 2025 में IIP की ग्रोथ 7.2 प्रतिशत रही थी, यानी औद्योगिक गतिविधियों में लगातार मजबूती बनी हुई है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बना ग्रोथ का सबसे बड़ा आधार

दिसंबर में IIP की इस मजबूत ग्रोथ के पीछे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की सबसे अहम भूमिका रही। इस सेक्टर में उत्पादन 8.1 प्रतिशत बढ़ा, जो दिखाता है कि फैक्ट्रियों में कामकाज की रफ्तार तेज हुई है। मैन्युफैक्चरिंग भारत की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है, इसलिए इसमें आई तेजी को पूरे सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।


माइनिंग और बिजली उत्पादन ने भी दिया सपोर्ट

मैन्युफैक्चरिंग के अलावा अन्य सेक्टरों से भी अच्छा योगदान देखने को मिला। माइनिंग सेक्टर में उत्पादन 6.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि बिजली उत्पादन में 6.3 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई। इन दोनों सेक्टरों की मजबूती ने कुल IIP ग्रोथ को संतुलन और स्थिरता दी।

इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो सेक्टर में दिखी खास तेजी

अगर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के भीतर देखें, तो कुछ इंडस्ट्री ग्रुप्स का प्रदर्शन खास तौर पर बेहतर रहा। कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक और ऑप्टिकल प्रोडक्ट्स के उत्पादन में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली। इसके साथ ही मोटर वाहन, ट्रेलर और अन्य ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट से जुड़े उद्योगों में भी अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि उपभोक्ता मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी गतिविधियां दोनों मजबूत हो रही हैं।

सालाना आधार पर IIP में साफ बढ़त

सरकारी आंकडों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में IIP का क्विक एस्टीमेट 170.3 रहा, जबकि दिसंबर 2024 में यह 158.0 था। यानी सालाना आधार पर औद्योगिक उत्पादन में साफ बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह ग्रोथ सिर्फ एक महीने की नहीं, बल्कि लगातार बेहतर होते ट्रेंड का हिस्सा मानी जा रही है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर गुड्स में भी मजबूती

यूज बेस्ड कैटेगरी के आंकड़े भी पॉजिटिव तस्वीर दिखाते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और इंटरमीडिएट गुड्स जैसे सेगमेंट्स में तेज ग्रोथ दर्ज की गई है। इससे साफ होता है कि निवेश से जुड़ी गतिविधियां और आम उपभोक्ताओं की मांग, दोनों में सुधार हो रहा है।

ज्यादातर इंडस्ट्री ग्रुप्स में दिखी पॉजिटिव ग्रोथ

दिसंबर 2025 में कुल 23 इंडस्ट्री ग्रुप्स में से 16 ग्रुप्स में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। इसका मतलब है कि औद्योगिक रिकवरी किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर व्यापक स्तर पर देखने को मिल रहा है।

IIP क्या है और ये आंकड़े कितने अहम हैं

IIP को 2011-12 को बेस ईयर मानकर तैयार किया जाता है और इसे हर महीने सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय जारी करता है। दिसंबर 2025 के ये आंकड़े 28 जनवरी 2026 को जारी किए गए हैं। ये आंकड़े फिलहाल अस्थायी हैं और आगे इनमें संशोधन संभव है। लेकिन, मौजूदा संकेत भारत की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत और भरोसेमंद तस्वीर पेश करते हैं।

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