तेल निर्यात करने वाली कंपनियों को झटका, डीजल और एटीएफ पर बढ़ा Windfall Tax, अब हो गया इतना

Windfall Tax: तेल निर्यात करने वाली कंपनियों को झटका लगा है। वैश्विक मार्केट में तेल के बढ़े भाव का अब पूरा फायदा उन्हें नहीं मिलने वाला है क्योंकि अब अतिरिक्त मुनाफे पर उन्हें अधिक टैक्स देना होगा। सरकार ने तत्काल प्रभाव से विंडफाल टैक्स को बढ़ा दिया है। चेक करें अब क्या है विंडफाल टैक्स और इसे क्यों लगाया जाता है

अपडेटेड Apr 12, 2026 पर 7:48 AM
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Windfall Tax: डीजल पर विंडफाल टैक्स प्रति लीटर ₹55.5 और एटीएफ पर बढ़ाकर प्रति लीटर ₹42 कर दिया गया है। (File Photo- Pexels)

Windfall Tax: अब डीजल और एविएशन फ्यूल यानी एटीएफ का निर्यात महंगा हो गया है। सरकार ने शनिवार को एक्सपोर्ट ड्यूटी यानी विंडफाल टैक्स को बढ़ा दिया। डीजल पर विंडफाल टैक्स प्रति लीटर ₹55.5 और एटीएफ पर बढ़ाकर प्रति लीटर ₹42 कर दिया गया है। वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के हिसाब से ड्यूटी में यह बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इससे पहले सरकार ने 26 मार्च को डीजल के निर्यात पर प्रति लीटर ₹21.50 और ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) के निर्यात पर प्रति लीटर ₹29.5 की ड्यूटी लगाने का ऐलान किया था। वहीं पेट्रोल पर विंडफाल टैक्स यानी एक्सपोर्ट ड्यूटी जीरो बना हुआ है।

क्यों लगाया गया Windfall Tax?

पिछले महीने सरकार ने डीजल और एटीएफ के निर्यात पर विंडफाल टैक्स इसलिए लगाया गया था ताकि पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध के चलते घरेलू मार्केट में तेल की उपलब्धता बनी रहे। इसके अलावा सरकार का लक्ष्य ये भी था कि डीजल और एटीएफ का निर्यात करने वाली कंपनियां घरेलू और विदेशी बाजारों में कीमतों में फर्क से अनुचित फायदा न उठा सके। ईरान और अमेरिका-इजरायल की लड़ाई के चलते शुरुआत में ही दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बेतहाशा बढ़ गई थी। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सैन्य हमले किए, जिसके जवाब में तेहरान ने भी बड़े पैमाने पर हमले किए। 8 अप्रैल को दो हफ्ते के लिए सीजफायर को लेकर सहमति बनी लेकिन स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं है।


देश में कब लगा था पहली बार विंडफाल टैक्स?

भारत में पहली बार 1 जुलाई 2022 को विंडफाल टैक्स लगाया गया था। इस प्रकार भारत उन देशों में शामिल हो गया, जहां एनर्जी कंपनियों के सामान्य से अधिक मुनाफे पर टैक्स लगाया गया। उस समय, पेट्रोल और एटीएफ पर ₹6-₹6 प्रति लीटर ($12 प्रति बैरल) और डीजल पर ₹13 प्रति लीटर ($26 प्रति बैरल) का निर्यात शुल्क लगाया गया था। इसकी दरों को पिछले दो हफ्ते में तेल की औसत कीमतों के आधार पर हर दो हफ्ते पर समीक्षा की जाती है।

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