देश का औद्योगिक उत्पादन (Industrial Production) जुलाई में घटकर 2.4 फीसदी पर आ गई है, जो इसके पहले जून महीने में 12.7 फीसदी रही। औद्योगिक उत्पादन को इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रिल प्रोडक्शन (IIP) के जरिए नापा जाता है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने सोमवार 12 सितंबर को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी। एक साल पहले जुलाई 2021 के दौरान IIP में 11.5 फीसदी की तेजी देखी गई थी।
जुलाई के आईआईपी आंकड़ों एक्सपर्ट्स के अनुमान से कम रहे हैं। मनीकंट्रोल की तरफ से 17 अर्थशास्त्रियों के बीच कराए गए एक पोल में जुलाई में IIP आंकड़े के सुस्त होकर 4.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था।
आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2022 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का उत्पादन 3.2 फीसदी बढ़ा। इसके अलावा बिजली उत्पादन में भी 2.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जबकि माइनिंग सेक्टर में जुलाई के दौरान 3.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
पिछले साल मई में लो बेस इफेक्ट के चलते औद्योगिक उत्पादन (IIP) 19.6 फीसदी की दर से बढ़ा था और तब से इसमें लगातार सुस्ती दर्ज की जा रही है।
साल 2020 की सितंबर तिमाही के दौरान कोरोना महामारी की दूसरी लहर के चलते देश के अधिकतर हिस्से लॉकडाउन की चपेट में थे और आर्थिक गतिविधियां काफी कम हो गई थी। ऐसे में मई 2021 में कम बेस इफेक्ट के चलते औद्योगिक उत्पादन में काफी बड़ी ग्रोथ दर्ज की गई। हालांकि इस ऊंची ग्रोथ ने इस साल के आईआईपी आंकड़ों के लिए एक लो इफेक्ट बना दिया है।
IIP आंकड़ों को आप विस्तार से नीचे दिए गए टेबल में देख सकते हैं-