India Merchandise Trade Deficit: मार्च 2025 में भारत का माल व्यापार घाटा बढ़कर $21.54 बिलियन तक पहुंच गया। फरवरी में यह घाटा $14.05 बिलियन था, जो पिछले तीन सालों में सबसे कम था। ट्रेड डेफिसिट बढ़ने की मुख्य वजह आयात में तेज वृद्धि रही। यह मार्च में $64.51 बिलियन तक पहुंच गया, जबकि फरवरी में यह $50.96 बिलियन था। हालांकि निर्यात में भी वृद्धि हुई, लेकिन यह आयात की तुलना में काफी कम रही।
निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का कुल माल निर्यात लगभग स्थिर रहा, जो FY25 में $437.42 बिलियन था, जबकि FY24 में यह $437.07 बिलियन था। वाणिज्य मंत्रालय ने कुछ क्षेत्रों में जबरदस्त वृद्धि का हवाला दिया है। मंत्रालय के मुताबिक, 'हमने पिछले साल से ज्यादा गुड्स एक्सपोर्ट हासिल किया है, खासकर नॉन-पेट्रोलियम एक्सपोर्ट्स में रिकॉर्ड बनाया है।'
FY25 में नॉन-पेट्रोलियम गुड्स एक्सपोर्ट $374 बिलियन तक पहुंचा, जो अब तक का सबसे अधिक है। मंत्रालय का कहना है कि कुल निर्यात (माल + सेवा) $820 बिलियन तक पहुंच सकता है, जो भारत के लिए सर्वाधिक है।
निर्यात में कितना उछाल आया? (FY25)
आयात में कितना बढ़ोतरी हुई? (FY25)
भारत से ज्यादा स्मार्टफोन आयात कर रहा अमेरिका
2023 में अमेरिका के स्मार्टफोन आयात में भारत की हिस्सेदारी 7.88% थी, जो 2024 में बढ़कर 13.73% हो गई है। इससे पता चलता है कि अमेरिका अब चीन से निर्भरता घटाकर भारत जैसे विकल्पों की ओर बढ़ रहा है। भारत की स्मार्टफोन सप्लाई चेन में भागीदारी बढ़ने के संकेत हैं, जो भारतीय निर्यात के लिए सकारात्मक कदम है।
भारत के सामने व्यापार में क्या चुनौतियां हैं?
वाणिज्य मंत्रालय ने आने वाले समय में ट्रेड वॉर और आर्थिक अनिश्चितता से डंपिंग का खतरा जताया है। इसका मतलब है कि चीन, वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे देश भारत में सस्ते उत्पाद भेज सकते हैं। साथ ही, अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के कारण अमेरिकी कृषि उत्पादों का आयात भारत में बढ़ सकता है। इससे भी घरेलू स्तर पर मुश्किलें हो सकती हैं।