इंडिया से स्पेन को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट सितंबर में 46000 फीसदी बढ़ा

इंडिया ने सितंबर 2024 में स्पेन को 11 लाख डॉलर मूल्य के पेट्रोलियम प्रोडेट्स का एक्सपोर्ट किया था। इस साल सितंबर में यह 51.3 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। महीना दर महीना आधार पर यह उछाल 61,000 फीसदी से ज्यादा है

अपडेटेड Nov 06, 2025 पर 3:36 PM
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इंडिया से स्पेन को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट में उछाल में कॉम्पटिटिव रिफाइनिंग मार्जिन, फेवरेबल फ्रेट इकोनॉमिक्स और यूरोपीय सप्लाई चेन में बदलाव का हाथ है।

इंडियन रिफाइनरी कंपनियों के लिए स्पेन नया ठिकाना बन गया है। सितंबर में स्पेन को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट में बड़ा उछाल आया। पिछले साल सितंबर के मुकाबले यह 46,000 फीसदी ज्यादा रहा। हालांकि, नीदरलैंड्स जैसे पुराने यूरोपीय खरीदार देशों को सितंबर में निर्यात 36 फीसदी घटा। ऑफिशियल डेटा के मनीकंट्रोल के एनालिसिस से यह जानकारी मिली है।

सितंबर में स्पेन को 51 करोड़ डॉलर का निर्यात

इंडिया ने सितंबर 2024 में स्पेन को 11 लाख डॉलर मूल्य के पेट्रोलियम प्रोडेट्स का एक्सपोर्ट किया था। इस साल सितंबर में यह 51.3 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। महीना दर महीना आधार पर यह उछाल 61,000 फीसदी से ज्यादा है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च एनिशिएटिव (GTRI) के अजय श्रीवास्तव ने बताया कि इंडियन रिफाइनिंग कंपनियां आईबेरिया और दक्षिणी यूरोप में मिड-डिस्टिलेट्स और एविएशन फ्यूल की बढ़ती मांग का फायदा उठा रही हैं।


इन वजहों से स्पेन को बढ़ा ऑयल का एक्सपोर्ट

इंडिया से स्पेन को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट में उछाल में कॉम्पटिटिव रिफाइनिंग मार्जिन, फेवरेबल फ्रेट इकोनॉमिक्स और यूरोपीय सप्लाई चेन में बदलाव का हाथ है। यूरोपीय देश ट्रेडिशनल सप्लायर्स पर अपनी निर्भरता घटा रहे हैं। यूरोपीय देशों को इंडिया से पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का निर्यात ऐसे वक्त बढ़ा है जब यूरोपीय संघ रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के आयात के नियम में बदलाव करने जा रहा है। जनवरी से ईयू रूस में उत्पादित पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का आयात नहीं करेंगे, भले ही उसकी प्रोसेसिंग किसी तीसरे देश में हुई हो।

अमेरिका और यूरोपीय संघ रूस पर बढ़ा रहे प्रतिबंध

यूरोपीय संघ और अमेरिका दोनों ही रूस पर लगे प्रतिबंधों को सख्त बना रहे हैं। इसकी वजह रूस और यूक्रेन की लड़ाई है। पिछले महीने अमेरिकी सरकार ने रूस की दो सबसे बड़ी ऑयल कंपनियों Rosneft और Lukoil के ग्लोबल ट्रांजेक्शन पर रोक लगा दी। दोनों ने इन रूसी कंपनियों को यूक्रेन के खिलाफ चल रही लड़ाई में रूसी सरकार की मदद करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा यूरोपीय यूनियन जनवरी 2027 से रूसी एलएनजी के आयात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने जा रहा है।

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स्पेन यूरोप में ऑयल का बड़ा डिसट्रिब्यूशन हब

स्पेन को भारत से पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट बढ़ने की एक वजह यह है कि स्पेन पूरे यूरोप के लिए डिस्ट्रिब्यूशन का हब है। यूरोपीय देश रूसी क्रूड के आयात पर प्रतिबंध के बाद नए सप्लायर से ऑयल की जरूरत पूरी करना चाहते हैं। यूरोपीय देशों को भारत से पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के निर्यात में नीदरलैंड्स और स्पेन की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है। इससे इस साल सितंबर में इंडिया से स्पेन को एक्सपोर्ट में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पहले पायदान पर आ गए।

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