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चीन का टूटेगा दबदबा! भारत का $38 अरब का 'बैटरी मिशन' तैयार, देसी कंपनियों का होगा बोलबाला

भारत सरकार देश में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और एनर्जी स्टोरेज योजनाओं को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार 'अप्रूव्ड लिस्ट ऑफ बैटरी मैन्युफैक्चरर्स (ALBM)' बनाने की एक योजना पर काम कर रही है। इसके तहत सरकारी बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं में अब सिर्फ इस लिस्ट में चुनी हुई और मंजूर की गई कंपनियों की बैटरियां ही इस्तेमाल की जाएंगी

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Apr 14, 2026 पर 1:35 PM
चीन का टूटेगा दबदबा! भारत का $38 अरब का 'बैटरी मिशन' तैयार, देसी कंपनियों का होगा बोलबाला
“India Battery Vision 2047” में बैटरी सप्लाई चेन के सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा

भारत सरकार देश में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और एनर्जी स्टोरेज योजनाओं को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार 'अप्रूव्ड लिस्ट ऑफ बैटरी मैन्युफैक्चरर्स (ALBM)' बनाने की एक योजना पर काम कर रही है। इसके तहत सरकारी बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं में अब सिर्फ इस लिस्ट में चुनी हुई और मंजूर की गई कंपनियों की बैटरियां ही इस्तेमाल की जाएंगी। मंगलवार को मिंट ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।

यह कदम सोलर सेक्टर में पहले से लागू इसी तरह की व्यवस्था जैसा है। इसका मकसद भारत में ही बैटरी बनाने वाली कंपनियों को बढ़ावा देना और विदेशों से बैटरी मंगाने पर निर्भरता को कम करना है।

रिपोर्ट में दो सूत्रों के हवाले से बताया गया कि भारत सरकार आने वाले वित्त वर्ष में अप्रूव्ड लिस्ट ऑफ बैटरी मैन्युफैक्चरर्स (ALBM)' का पूरा खारा और इसके साथ ही लोकलाइजेशन के ड्राफ्ट नियम जारी कर सकती है। इसके साथ ही सरकार कंपनियों और यूजर्स के लिए एक चरणबद्ध टाइमलाइन भी दे सकती है, ताकि वे धीरे-धीरे स्थानीय स्रोतों से खरीद यानी लोकल सोर्सिंग की शर्तों के अनुसार खुद को ढाल सकें।

रिपोर्ट के मुताबिक, “India Battery Vision 2047” में बैटरी सप्लाई चेन के सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा। इसमें जरूरी खनिजों की खरीद, बैटरी बनाने के लिए अलग-अलग तकनीकें (केमिस्ट्री), बड़े पैमाने पर बैटरियों का इस्तेमाल और उनका रीसाइक्लिंग (पुनर्चक्रण) भी शामिल होगा।

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