चीन पर अमेरिका के भारी टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत सरकार ने चीन से सस्ते आयात को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। ट्रंप सरकार ने हाल ही में चीनी सामानों पर 54% तक टैरिफ बढ़ाने की घोषणा की है, जिसके बाद आशंका जताई जा रही है कि चीन अपने सस्ते उत्पादों को भारत जैसे बड़े बाजारों में डंप कर सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष उपायों पर काम शुरू कर दिया है।
एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है ताकि भारतीय बाजार को सस्ती चीनी वस्तुओं से बचाया जा सके। अधिकारी ने कहा, "सरकार हमारे कानूनों के तहत उपलब्ध सभी उपायों को लागू करेगी। ट्रंप टैरिफ के कारण जिन देशों से सस्ते आयात की बाढ़ आ सकती है, उन्हें रोकने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कदम उठाए जाएंगे।"
अमेरिका ने चीन पर 9 अप्रैल से 34% अतिरिक्त टैरिफ लागू करने का ऐलान किया है। पहले के 20% टैरिफ को जोड़ दें, तो चीन पर टैरिफ दर 54% हो जाएगी। इसके जवाब में चीन ने भी 10 अप्रैल से अमेरिकी सामानों पर 34% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है।
इस व्यापारिक तनाव के बीच एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन अपने अतिरिक्त उत्पादों को उन देशों में भेज सकता है जहां टैरिफ कम हैं, और भारत इसका एक प्रमुख लक्ष्य हो सकता है।।
भारत-चीन व्यापार संतुलन बिगड़ा
वित्त वर्ष 2024-25 के अप्रैल से फरवरी तक के आंकड़ों के अनुसार, भारत का चीन से आयात 10.4 प्रतिशत बढ़कर 103 7 अरब डॉलर पहुंच गया है, जबकि चीन को भारत का निर्यात 15.7 प्रतिशत घटकर 12 7 अरब डॉलर पर आ गया है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन और भी बढ़ गया है।
स्टील पर पहले ही उठाया कदम
हाल ही में केंद्र सरकार ने कुछ स्टील उत्पादों पर 12 प्रतिशत का अस्थायी सेफगार्ड शुल्क लगाने की सिफारिश की थी। यह शुल्क 200 दिनों तक लागू रहेगा और इसका उद्देश्य घरेलू स्टील इंडस्ट्री को चीन जैसे देशों से हो रही सस्ती आयात की मार से बचाना है।
अमेरिका ने भारत पर बाकी एशियाई देशों की तुलना में कम टैरिफ लगाया हैं। भारत पर 5 अप्रैल से 10 प्रतिशत का बेसलाइन टैरिफ लागू हो गया है और 10 अप्रैल से 16 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। वहीं इसके मुकाबले वियतनाम को 46 प्रतिशत, बांग्लादेश को 37 प्रतिशत, थाईलैंड को 36 प्रतिशत और ताइवान को 32 प्रतिशत आयात शुल्क का सामना करना पड़ेगा।