साल 2023 में दुनिया के सभी देशों के मुकाबले भारत में सबसे अधिक सैलरी में बढ़ोतरी देखने को मिल सकता है। ECA के सैलरी ट्रेंड्स सर्वे में ये बात सामने आई हैं। सर्वे के मुताबिक भारत में कंपनियां दुनिया के सभी देशों के मुकाबले सैलरी में सबसे अधिक वास्तविक बढ़ोतरी कर सकती हैं। अगर सैलरी में इजाफे की दर महंगाई की दर से अधिक होती है, तो उसे सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी कहते हैं।
ECA ने यह सर्वे दुनिया के 68 देशों और शहरों में मौजूद 360 मल्टीनेशनल कंपनियों से जुटाई जानकारी के आधार पर तैयार किया है। सर्वे के मुताबिक दुनिया के सिर्फ 37 फीसदी देशों में ही 2023 में महंगाई को मात देने वाला सैलरी हाइक मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वास्तविक सैलरी के मामले में सबसे अधिक प्रभावित यूरोपीय देशों के कर्मचारी होने वाले हैं, जहां महंगाई इस अपने कई दशकों के ऊंचे स्तर पर है। यूरोपीय देशों में सैलरी में औसत वास्तविक बढ़ोतरी -1.5 फीसदी रहने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में इस साल सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी माइनस 4.5 फीसदी रही है। हालांकि अगले साल महंगाई की दर में कुछ कमी आने की उम्मीद है, जिसके चलते 2023 में सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी माइनस 1 फीसदी रहने की उम्मीद है।
ब्रिटेन भी इस समय आर्थिक उथलपुथल के दौर से गुजर रहा है, जिसका असर वहां के कर्मचारियों की सैलरी हाइक में देखने को मिला है। ब्रिटेन में साल 2000 से अब तक कर्मचारियों की सैलरी में औसतन 3.5 फीसदी की बढ़ोतरी होती रही है। हालांकि इस साल महंगाई दर के 5.6 फीसदी पहुंचने पर सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी घटकर माइनस 5.6 फीसदी पर आ गई। साल 2023 में वहां वास्तविक बढ़ोतरी 4 फीसदी रहने वाली है।
दुनिया के टॉप 10 देश, जहां 2023 में सबसे अधिक वास्तविक सैलरी बढ़ोतरी का अनुमान है-
इन 5 देशों में होगी सबसे कम वास्तविक सैलरी बढ़ोतरी
अर्जेंटीना (-26.1 प्रतिशत)