इंडिया गाम्बिया (Gambia) में कफ सिरप (Cough Syrup) के इस्तेमाल से हुई कई दर्जन बच्चों की मौत के मामले की जांच कर रहा है। बताया जाता है कि यह कफ सिरप इंडिया में बनी थी। फाइनेंस मिनिस्ट्री (Finance Ministry) के दो सूत्रों ने रायटर्स को यह जानकारी गुरुवार को दी।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने बुधवार को कहा कि गाम्बिया में किडनी में खराबी से हुई कई दर्जन बच्चों की मौत की वजह संक्रमित कफ सिरप हो सकती है, जो इंडिया में बनी थी।
सूत्रों ने बताया कि इंडियन गवर्नमेंट ने WHO से उस रिपोर्ट को सौंपने को कहा है जिसमें बच्चों की मौत की वजह कफ सीरप (children death due to consumption of cough syrup) के इस्तेमाल को बताया गया है।
सूत्रों का कहना है कि WHO ने 29 सितंबर को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को इस मामले के बारे में बताया। उसने यह भी कहा कि वह गाम्बिया को इस मसले पर तकनीकी सहयोग और जरूरी सलाह दे रहा है। बताया जाता है कि गाम्बिया में पांच दर्जन से ज्यादा बच्चों की मौत कफ सिरप के इस्तेमाल के बाद हुई है। आशंका है कि इंडिया में बने इन कफ सिरप में Diethylene Glycol या Ethylene Glycol का संक्रमण हो सकता है।
इसके बाद Central Drugs Standard Control Organization (CDSCO) ने तुरंत एक्शन लेते हुए इस मामले के बारे में संबंधित स्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी को बताया। इसके बाद तथ्यों का पता लगाने के लिए व्यापक जांच शुरू की गई।
शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि हरियाणा में सोनीपत के Maiden Pharmaceutical को राज्य के ड्रग कंट्रोलर की तरफ से इन कफ सिरप को बनाने का लाइसेंस हासिल है। सूत्रों ने यह भी बताया कि इस कंपनी ने अब तक सिर्फ गाम्बिया को ये प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट किए है।
WHO ने 5 अक्टूबर को गाम्बिया में इस्तेमाल किए गए चार मेडिसिन को लेकर अलर्ट जारी कर दिया। आशंका है कि इनके इस्तेमाल से किडनी को बहुत नुकसान पहुंचा, जिससे 66 बच्चों की मौत हो गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह भी कहा है कि वह इस मामले की जांच खुद भी इंडिया की दवा कंपनी और इंडियन रेगुलेटरी अथॉरिटीज के साल मिलकर कर रहा है।
WHO ने कहा है कि ये संक्रमित प्रोडक्ट्स अभी सिर्फ जाम्बिया में मिले हैं। लेकिन इनका एक्सपोर्ट दूसरे देशों में भी किया गया होगा। इसलिए उसने दूसरे देशों को अपने यहां इसकी जांच करने और प्रोडक्ट्स को सर्कुलेशन से हटाने की सलाह दी है। इससे दूसरे लोगों को नुकसान से बचाया जा सकता है।
इंडिया की फार्मा कंपनियां अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों को दवाओं का निर्यात करती हैं। अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर USFDA खुद इंडियन कंपनियों की दवाओं की क्वालिटी की मॉनिटरिंग करता है। विदेश में इंडियन फार्मा कंपनियों की साख बहुत अच्छी है। इसलिए इस मामले को भारत सरकार ने बहुत गंभीरता से लिया है।