पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत करीब 80 करोड़ लोगों को मिलने वाला मुफ्त गेहूं और चावल नए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) बास्केट में शामिल नहीं किया जाएगा। CPI के बेस ईयर को अपडेट करने के लिए बने 22 सदस्यों वाले टेक्निकल एडवाइजरी पैनल ने अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए यही फैसला लिया है। पैनल का मानना है कि, जिन खाद्य वस्तुओं की बाजार में कीमत नहीं चुकाई जाती, उन्हें महंगाई मापने वाले इंडेक्स में शामिल करना ग्लोबल ट्रेंड के अनुरूप नहीं है, इसलिए मौजूदा व्यवस्था को ही जारी रखा जाएगा।
