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महंगाई के आंकड़े में शामिल होगा मुफ्त राशन? सरकार ने लिया बड़ा फैसला, जानें क्या है प्लान

Free Ration Inflation: सरकार को सुझाव देने वाली समिति ने पहले ही कहा था कि मुफ्त अनाज पर आम आदमी का कोई पैसा खर्च नहीं होता है, लिहाजा इसका महंगाई से कोई लेना-देना भी नहीं है। ऐसे में मुफ्त अनाज को खुदरा महंगाई की गणना से बाहर किया जाना चाहिए

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 19, 2026 पर 5:53 PM
महंगाई के आंकड़े में शामिल होगा मुफ्त राशन? सरकार ने लिया बड़ा फैसला, जानें क्या है प्लान
पीडीएस में बांटी जानी वाली चीजें परिवारों के उपभोग पर बड़ा असर डालती हैं

पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत करीब 80 करोड़ लोगों को मिलने वाला मुफ्त गेहूं और चावल नए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) बास्केट में शामिल नहीं किया जाएगा। CPI के बेस ईयर को अपडेट करने के लिए बने 22 सदस्यों वाले टेक्निकल एडवाइजरी पैनल ने अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए यही फैसला लिया है। पैनल का मानना है कि, जिन खाद्य वस्तुओं की बाजार में कीमत नहीं चुकाई जाती, उन्हें महंगाई मापने वाले इंडेक्स में शामिल करना ग्लोबल ट्रेंड के अनुरूप नहीं है, इसलिए मौजूदा व्यवस्था को ही जारी रखा जाएगा।

फ्री में मिलने वाले आइटम नहीं हैं शामिल

टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि, “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियम यही है कि जिन खाद्य पदार्थों, सामान या सेवाओं की कोई कीमत नहीं ली जाती, उन्हें इसमें शामिल नहीं किया जाता। इसलिए यह तय किया गया कि हमें वैश्विक नियमों से अलग नहीं जाना चाहिए। दूसरे देशों में मुफ्त मिलने वाली चीजें उपभोग बास्केट का सिर्फ 5–10% हिस्सा होती हैं, जबकि भारत में बहुत बड़ी आबादी को ये आइटम मुफ्त दिए जाते हैं।” मौजूदा CPI सीरीज़ में केवल सब्सिडी वाले खाद्य पदार्थ ही बास्केट में शामिल हैं। पूरी तरह मुफ्त मिलने वाले आइटम इसमें शामिल नहीं किए गए हैं और नई सीरीज में भी उन्हें जोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं है। हमें जो सुझाव मिले हैं, उनसे यह संकेत मिला कि अगर मुफ़्त आइटम शामिल किए गए, तो महंगाई के आंकड़ों पर निगेटिव असर पड़ सकता है, क्योंकि ऐसे मामलों में महंगाई कम दिखाई देने की आशंका रहती है।”

बता दें कि मुफ्त की चीजों को महंगाई के आंकड़ों से बाहर रखने पर आईएमएफ, विश्‍व बैंक और मंत्रालय के विशेषज्ञों ने भी मंथन किया है।  इन सभी का मानना है कि पीडीएस में बांटी जानी वाली चीजें परिवारों के उपभोग पर बड़ा असर डालती हैं, लेकिन इनसे महंगाई में कोई योगदान नहीं होता। इसे शामिल किए बिना अगर महंगाई का आंकड़ा निकाला जाएगा तो वह ज्‍यादा दिखेगा, लेकिन इन चीजों को भी शामिल करके आंकड़े निकालें तो इसमें निश्चित रूप से गिरावट दिखेगी।

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