Indigo ने अपने Pratt & Whitney (प्रैट एंड व्हिटनी) जहाजों के बारे में एक बड़ी जानकारी दी है। उसने कहा है कि जनवरी से मार्च के दौरान 30 से 40 विमानों का इस्तेमाल बंद करना पड़ सकता है। प्रैट एंड व्हिटनी विमानों से जुड़ा मसला इसकी वजह है। कंपनी पहले से ही प्रैट एंड व्हिटनी के 45 विमानों का इ्स्तेमाल नहीं कर रही है। इसकी वजह यह है कि उसे इन विमानों के नए इंजन नहीं मिल रहे हैं। इसका मतलब है कि मार्च तिमाही में कंपनी को अपने 25 फीसदी विमानों का इस्तेमाल बंद करना पड़ सकता है। आम तौर पर जनवरी से मार्च को एयरलाइंस कंपनियों के लिए कमजोर सीजन माना जाता है। इंडिगो की तरफ से दी गई जानकारी के बाद कई सवाले खड़े हो गए हैं। इसकी वजह यह है कि Indigo बाजार हिस्सेदारी के लिहाज से इंडिया की सबसे बड़ी एयरलाइंस कंपनी है। सबसे बड़ा सवाल है कि क्या इंडिगो की सक्सेस स्टोरी पर ब्रेक लग जाएगा?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि करीब एक चौथाई विमानों का इस्तेमाल नहीं होने का असर इंडिगो की सेवाओं पर पड़ेगा। पैसे के लिहाज से एयरलाइंस को कितना लॉस होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उसे प्रैट एंड व्हिटनी की तरफ से कितना मुआवजा (Compensation) मिलता है। अभी इंडिगो ने इस बारे में नहीं बताया है क्योंकि प्रैट से समझौते की शर्तों में ऐसा करने की इजाजत नहीं है। इंडिगो का कहना है कि वह FY24 में कैपेसिटी गाइडेंस को मेंटेन करने में कामयाब रहेगी। कंपनी ने यह भी कहा है कि दिसंबर तिमाही में इस मसले का असर कंपनी के प्रदर्शन पर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने दिसंबर तिमाही में कैपेसिटी में 25 फीसदी वृद्धि का गाइडेंस दिया है।
इंडिगो की FY23 की तीसरी तिमाही में शिड्यूल्ड डिपार्चर्स की संख्या 1,49,146 रही। इसमें डोमेस्टिक और इंटरेनेशल दोनों ही फ्लाइट्स शामिल हैं। कैपिसिटी डिप्लॉयमेंट के लिहाज से उसकी एवलेवल सीट किलोमीटर (ASK) 1,869 रही। कैपिसिटी 25 फीसदी बढ़ने का मतलब है कि इस तिमाही उसकी ASK 3,587 रहेगी। इंडिगो ने Turkish Airlines से दो B77Ws विमान लीज पर लिए थे। इनका इस्तेमाल इंडिया-तुर्की रूट के लिए किया गया। इस रूट पर हर हफ्ते इंडिगो की 14 फ्लाइट्स हैं। कैपिसिटी के लिहाज से देखने पर सिर्फ तीन रूट्स की कैपिसिटी 2.3 गुना बढ़ी है।
इंडिगो लीज पर लिए गए 11 A320 विमानों को अपने बड़े में शामिल कर रही है। सेकेंडरी मार्केट से वह 12 A320ceos विमानों को खरीदना चाहती है। Airbus ने A320ceo विमानों का उत्पादन बंद कर दिया है। इंडिगो ने एयरबस के विमानों की लीज बढ़ा दी है। लेकिन, ये सभी A320neos है। इंडिगो जैसी एयरलाइंस जो ब्रांड को लेकर काफी संवेदनशील रहती है, उसके लिए अपने विमानों को ज्यादातर सफेद रंग में देखना अच्छा नहीं लगेगा। इसकी वजह यह है कि इन विमानों पर सिर्फ इंडिगो का लोगो होगा।
एयरइंडिया ने पेरिस एयरशो में 470 विमानों का ऑर्डर दिया है। यह एयरलाइंस इंडियन मार्केट में अपनी पैठ बढ़ाने की पूरी कोशिश कर रही है। टाटा ग्रुप की इस एयरलाइंस कंपनी के तहत एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस आते हैं। 2024 तक हर छह दिन पर कंपनी को एक नए विमान की डिलीवरी मिलेगी। सबसे पहले कंपनी ने अपनी लो कॉस्ट इकाई Air India Experess के विमानों के बेड़े में 50 नए विमान शामिल करने का प्लान बनाया है। जब से टाटा समूह ने एयर इंडिया को खरीदा है, इसे कई तरह से किस्मत का साथ मिला है। सरकार के साथ डील के एक महीने बाद ही इंडिया-नॉर्थ अमेरिका रूट पर इसके लिए कोई कॉम्पिटिशन नहीं रह गया।
एयर इंडिया के अलावा SpiceJet भी अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही है। इस एयरलाइन ने फिर से अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए विमानों को वेट-लीज पर लिए हैं। लेकिन, इसका इंडिगो पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। इसी तरह Akasa Air की विस्तार योजनाओं का भी ज्यादा असर इंडिगो पर नहीं पड़ेगा। ऐलान के बाद से ही Airbus A320neo विमानों और Boeing के MAX विमानों के लिए सबकुछ ठीक नहीं रहा है। ऐसे में इंडिगो के एक चौथाई विमानों का इस्तेमाल नहीं होने से उसकी ग्रोथ पर असर पड़ेगा। बोइंग को विमानों की डिलीवरी में देर होने की आशंका है, क्योंकि उसे प्रोडक्शन के मामले में कुछ मसलों का सामना करना पड़ा है। इसलिए उसे विमानों की डिलीवरी देने से पहले दोबारा उनकी जांच करनी होगी। ऐसे में अगर एयर इंडिया एक्सप्रेस को विमान मिलने में देरी होती है तो इसका असर देश में इस्तेमाल हो रही कैपिसिटी पर पड़ेगा। इसके चलते विमानों का किराया बढ़ जाएगा।
अगर आप अपने लिए टिकट बुक करना चाहते हैं या ट्रैवल करना चाहते हैं तो फिलहाल कोई प्रॉब्लम नहीं दिख रही। लेकिन, आपको एयरलाइंस से बुक किए गए टिकट और उसके शिड्यूल पर नजर रखनी होगी। यह देखना होगा कि कही शिड्यूल में किसी तरह का बदलाव तो नहीं किया गया है। इससे आपको अचानक दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।