आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Infosys ने वित्त वर्ष 2022-23 की दिसंबर तिमाही में केवल 1,627 लोगों को नौकरियां दी है। जबकि मौजूदा वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में कंपनी ने 10,000 से ज्यादा लोगों को नौकरियां दी थी। इसका मतलब है कि दिसंबर तिमाही में कंपनी ने पिछली तिमाही की तुलना में 84 फीसदी कम नौकरियां दी है। हालांकि, इस दौरान नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की संख्या में कमी आई है। कंपनी का एट्रिशन रेट जुलाई-सितंबर तिमाही के 27.10 फीसदी से घटकर 24.3 फीसदी पर आ गया है। हालांकि, कंपनी को भरोसा है कि वह वित्त वर्ष 2023 में 50,000 कर्मचारियों को हायर करने के अपने टारगेट को पूरा कर लेगी।
9 तिमाहियों के निचले स्तर पर आया आंकड़ा
दिसंबर तिमाही में इंफोसिस की हायरिंग पिछली नौ तिमाहियों में सबसे कम है। इसके पहले, कंपनी ने वित्त वर्ष 2021 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 975 लोगों को नौकरियां दी थी, जिसके बाद हर तिमाही में कंपनी की हायरिंग FY23 की दिसंबर तिमाही से ज्यादा रही है। अब इंफोसिस में कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 3,46,845 हो गई है। इस बीच, इंफोसिस के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर निलंजन रॉय ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2023 में 50,000 कर्मचारियों को हायर करने के अपने टारगेट को पूरा कर सकती है। कंपनी ने मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक 46,000 लोगों को नौकरियां दी है।
कंपनी को दिसंबर तिमाही में 13 फीसदी का मुनाफा
बता दें कि आज कंपनी ने अपने दिसंबर तिमाही के नतीजों की घोषणा भी की है। कंपनी का मुनाफा सालाना 13 प्रतिशत बढ़कर 6,586 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। दिसंबर 2022 तिमाही के दौरान रेवेन्यू 38,318 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो कि एक साल पहले की अवधि के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में इंफोसिस का कंसोलिडेटेड EBIT भी अनुमान से कम 8,242 करोड़ रुपये रहा जबकि इसके 8298 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था। वहीं, वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में कंपनी की EBIT मार्जिन 21.5 फीसदी रही जबकि इसके 21.8 फीसदी रहने का अनुमान था।