स्टूडेंट भी उठा सकते हैं इंस्टेंट लोन का फायदा, जानें आसान तरीके और मौजूद ऑप्शंस
एजुकेशन लोन के लिए गारंटर वाले स्टूडेंट लोन, फिनटेक प्लेटफॉर्म्स, P2P लेंडिंग और सरकारी योजनाओं जैसे ऑप्शंस उपलब्ध हैं. हालांकि, लोन लेने से पहले ब्याज दर, रिपेमेंट पीरियड और एलिजिबिलिटी टर्म्स की तुलना जरूर करें.
MoneyControl News
अपडेटेड Jan 20, 2026 पर 2:51 PM
नौकरी के बिना इंस्टेंट लोन पाना आसान नहीं होता. क्योंकि ज्यादातर लेंडर्स किसी भी लोन एप्लीकेशन प्रोसेस में एप्लिकेंट की इनकम या स्टेबल फाइनेंशियल सोर्स का प्रूफ मांगते हैं. इससे लोन के लिए अप्लाई करने वाले व्यक्ति की रीपेमेंट क्षमता का आइडिया मिलता है. स्टूडेंट्स आमतौर पर हायर एजुकेशन या विदेश में पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन का ऑप्शन चुनते हैं, लेकिन जब कोई फिक्स इनकम न हो तो लोन लेना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा कई बार एजुकेशन लोन कुछ खर्चों को कवर नहीं करता, जिससे स्टूडेंट को अतिरिक्त लोन की जरूरत पड़ सकती है.
मौजूदा समय में कई बैंक और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFCs) पर्सनल लोन की सुविधा देती हैं, जो अलग-अलग जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इन लोन इंस्ट्रूमेंट की शर्तें आमतौर पर फ्लेक्सिबल होती हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर कभी भी फंड एक्सेस किया जा सकता है.
इसके अलावा सरकार भी स्टूडेंट्स की आर्थिक मदद के लिए कई योजनाएं चलाती है.
मनीकंट्रोल ने देश के प्रमुख लेंडर्स के साथ मिलकर 50 लाख रुपए तक के डिजिटल लोन की सुविधा शुरू की है. इसका एप्लीकेशन प्रोसेस बेहद आसान है: अपनी डिटेल भरें, KYC वेरिफिकेशन पूरा करें और EMI प्लान चुनें. इन लोन पर ब्याज दरें सिर्फ 10.5% सालाना से शुरू होती हैं.
यहां हम बता रहे हैं कि रेग्युलर इनकम न होते हुए भी स्टूडेंट्स कैसे सस्ती ब्याज दरों और आसान प्रोसेस से फंड पा सकते हैं.
बैंक से स्टूडेंट लोन
कई प्रमुख बैंक आजकल स्टूडेंट लोन देते हैं. अगर स्टूडेंट्स के पास कोई गारंटर या को-साइनर है, तो Axis Bank, HDFC Bank, SBI और ICICI Bank जैसे कुछ प्रमुख बैंक बेरोजगार स्टूडेंट्स को भी एजुकेशन लोन देते हैं. को-साइनर व्यक्ति बैंक के लिए सिक्योरिटी का काम करता है जिससे लोन अप्रूवल आसान हो जाता है.
स्टूडेंट लोन पर ब्याज दरें आमतौर पर पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड के मुकाबले सस्ती होती हैं. कुछ बैंक स्टूडेंट को ग्रेस पीरियड भी देते हैं, जिससे वे नौकरी मिलने के बाद लोन चुकाना शुरू कर सकते हैं. इनमें रीपेमेंट का टेन्योर 5 से 15 साल तक हो सकता है, जिससे छात्रों पर रिपेमेंट का दबाव नहीं पड़ता है.
फिनटेक ऐप्स
आजकल कई फिनटेक कंपनियां सस्ती ब्याज दरों और फ्लेक्सिबल टर्म्स पर इंस्टेंट लोन उपलब्ध करवा रही हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि इन लोन ऑफर्स पर बहुत कम डॉक्युमेंटेशन की जरुरत पड़ती है और बैंक ब्रांच भी नहीं जाना पड़ता.
हर ऐप की अपनी लोन लिमिट होती है, जो 10,000 से लेकर 5,00,000 रुपए तक हो सकती है. इसका एप्लीकेशन प्रोसेस बेहद आसान होता है: स्मार्टफोन पर ऐप डाउनलोड करें, रजिस्ट्रेशन करें और आधार, PAN और इनकम से जुड़े डॉक्युमेंट्स अपलोड करें.
कुछ ऐप्स छात्रों को अल्ट्रानेटिव इनकम सोर्स के आधार पर भी लोन देती हैं, बशर्ते वे बाकी एलिजिबिलिटी टर्म्स को पूरा करते हों. हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि ये लोन अनसिक्योर्ड और शॉर्ट-टर्म होते हैं, इसलिए समय पर रीपेमेंट करना बेहद जरूरी है. देरी होने पर पेनल्टी लग सकती है और क्रेडिट स्कोर पर भी खराब असर पड़ सकता है.
P2P लेंडिंग भारत में एक नया लेकिन लोकप्रिय ऑप्शन बनता जा रहा है. इसमें आम बैंकों या फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन की जरूरत नहीं होती, बल्कि पीयर-टू-पीयर (एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को) लोन प्रोसेस होता है.
ये प्लेटफॉर्म छात्रों की जरूरत और उनकी फाइनेंशियल स्थिति के अनुसार लोन ऑफर करते हैं. हालांकि, स्टेबल इनकम वाला एलिमेंट न होने के कारण लोन पर ब्याज दरें आम बैंकों से ज्यादा हो सकती हैं. इनमें लोन अमाउंट भी कम हो सकता है.
अगर आप भी पर्सनल लोन की तलाश में हैं, तो मनीकंट्रोल वेबसाइट या ऐप पर जाकर टॉप लेंडर्स के 50 लाख रुपए तक के लोन ऑफर चेक कर सकते हैं. इस डिजिटल प्रोसेस में सिर्फ तीन स्टेप हैं: डिटेल भरें, KYC पूरी करें और EMI ऑप्शन चुनें. इन पर ब्याज दरें सिर्फ 10.5% सालाना से शुरू होती हैं.
सरकारी एजुकेशन लोन योजनाएं
सरकार भी स्टूडेंट्स को सपोर्ट करने के लिए कई योजनाएं लेकर आती है. खास बात यह है कि सरकारी लोन लेना आसान होता है और रीपेमेंट टर्म्स भी फ्लेक्सिबल होती हैं.
केंद्र सरकार 7.5 लाख रुपए तक के लोन अमाउंट पर गारंटी देती है, जिसके तहत किसी तरह की कोलेट्रल सिक्योरिटी या थर्ड-पार्टी गारंटर की जरूरत नहीं होती. इसके अलावा, पी.एम.-विद्यालक्ष्मी (PM-Vidyalaxmi) योजना के तहत मेधावी छात्रों को 10 लाख रुपए तक का डिजिटल एजुकेशन लोन उपलब्ध कराया जाता है. इस योजना का लाभ वे स्टूडेंट उठा सकते हैं, जिनके परिवार की सालाना इनकम 8 लाख रुपए तक है. इन पर ब्याज दरें लगभग 8.5% सालाना से शुरू होती हैं.
निष्कर्ष
आज के समय में स्टूडेंट के लिए पर्सनल लोन पाना मुश्किल नहीं रह गया है. बैंक, फिनटेक ऐप्स, P2P प्लेटफॉर्म्स और सरकारी योजनाएं जैसे ऑप्शंस स्टूडेंट की जरूरतों को पूरा करते हैं. हालांकि, ब्याज दर, रीपेमेंट टर्म्स और एलिजिबिलिटी को ध्यान में रखते हुए सही ऑप्शन चुनना जरुरी है.